अंतराष्ट्रीय

भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते (overtaking the UK) हुए भारत विश्‍व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली. भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर है. ब्रिटेन को पीछे छोड़ते(overtaking the UK)  हुए भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. इसी के साथ ब्रिटेन फिसलकर 6वें स्थान पर आ गया है. एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में 11वें क्रम पर थे, जबकि ब्रिटेन पांचवें नंबर पर था. कोरोना महामारी के बाद भारत की इकोनॉमी धीरे-धीरे उभर रही है. छठवें पायदान पर खिसकना ब्रिटेन की नई सरकार के लिए बड़ा झटका है. ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी के सदस्‍य 5 सितंबर को बोरिस जॉनसन के उत्‍तराधिकारी को चुनेंगे. विदेश मंत्री लिज ट्रुज के इस रेस में भारतीय मूल के मंत्री ऋषि सुनक को पीछे छोड़ने की संभावना है. ऐसा माना जा रहा है कि नई सरकार में महंगाई और सुस्त इकोनॉमी सबसे बड़ी चुनौती होगी.

ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 के अंतिम तीन माह में ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्‍व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. ये एनालिसिस अमेरिकी डॉलर पर आधारित है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों के अनुसार,भारत ने पहली तिमाही में अपनी बढ़त हासिल कर ली है. फिलहाल दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में अमेरिका है. इसके बाद चीन, जापान और जर्मनी का नंबर आता है

हाल ही में भारत ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए जीडीपी के आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं. आंकड़ों से मालूम चलता है कि भारत दुनिया में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि हासिल करने वाली अर्थव्यवस्था है. चालू वित्त वर्ष की पहली पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत रही जो पिछले एक साल में सबसे अधिक है. वहीं, सालाना आधार पर भी भारत की जीडीपी में उछाल आने की संभावनाएं हैं.

पूरे साल के लिए इसे 7.5% से घटाकर 6.8% कर दिया गया है. सकल घरेलू उत्पाद की भविष्यवाणी को कम करने का कारण स्टैटिस्टिकल एडजेस्टमेंट को बताया गया है. हालांकि, वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ग्रोथ मोमेंटम में तेजी की उम्मीद जताई गई है.

भारत की ग्रोथ के आगे चीन भी नहीं है पास
भारत की ग्रोथ के आगे चीन आसपास भी नहीं है. अप्रैल-जून तिमाही की चीन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है. तमाम अनुमान बता रहे हैं कि सालाना आधार पर भी भारत के मुकाबले चीन पीछे रह सकता है.

3.19 लाख करोड़ डॉलर की है यूके की जीडीपी
वहीं, ब्रिटेन की बात करें तो उसकी मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती है. यूके की जीडीपी फिलहाल 3.19 लाख करोड़ डॉलर की है. 7 प्रतिशत की अनुमानित ग्रोथ के साथ भारत के इसी साल यूके को सालाना आधार पर भी पीछे छोड़ने की संभावना है. हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने बताया है कि भारत इस साल सालाना आधार पर डॉलर के मामले में ब्रिटेन से आगे निकल गया है.

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