उत्तर प्रदेशलखनऊ

Ganga Expressway: अब 15 मई तक गंगा एक्सप्रेसवे पर कर सकेंगे मुफ्त में सफर, CM योगी के न‍िर्देश पर ल‍िया गया फैसला

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को कामर्शियल ऑपरेशन की तिथि से 15 दिन तक टोल-फ्री रखने की घोषणा की है। यूपीडा ने कन्सेशनैयर्स आइआरबी और अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर को टोल वसूली रोकने के निर्देश दिए हैं, जबकि राजस्व नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक लोग मुफ्त यात्रा कर इसकी गति, गुणवत्ता और सुविधाओं का अनुभव कर सकेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह प्रोजेक्ट 12 जिलों को जोड़ता है। पीपीपी माॉडल पर बने इस एक्सप्रेसवे में मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने परियोजना के कन्सेशनैयर्स आइआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस पहल से संबंधित जिलों में पर्यटन की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) टोल माडल पर विकसित किया गया है। मेरठ,हापुड़,बुलंदशहर,अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागज से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 36,230 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से डिजाइन किए गए इस एक्सप्रेसवे पर मेरठ व प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैंप टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं।

कार व जीप से वसूले जाएंगे करीब 1800 रुपये: शाही

एक्सप्रेसवे पर 15 दिन बाद लगने वाले टोल को लेकर यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एचपी शाही ने बताया कि मेरठ से बदायूं तक 130 किलोमीटर हिस्से का निर्माण आइआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर नामक कंपनी ने कराया है। इस भाग में पांच इंटरचेंज हैं। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए टोल का बेस प्राइज 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा हर भाग में जितने स्ट्रक्चरल निर्माण किए गए हैं उनकी राशि व होल सेल प्राइज इनडेक्स को जोड़कर टोल नियमावली के अनुसार तैयार फार्मूले के तहत कुछ अतिरिक्त राशि टोल के रूप में कंपनियों द्वारा वसूली जाएगी।

एक्सप्रेसवे के तीन भाग का निर्माण अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया है। उन्होंने बताया कि आइआरबी द्वारा तैयार 130 किलोमीटर के पहले भाग के निर्माण पर 5039.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं 151.70 किलोमीटर के दूसरे भाग के निर्माण पर अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 5657.71 करोड़ रुपये, 155.70 किलोमीटर के तीसरे भाग के निर्माण पर अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 5810.99 करोड़ रुपये और 156.84 किलोमीटर के चौथे भाग के निर्माण पर अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 5626.46 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

उन्होंने बताया कि फिलहाल कार व जीप चालकों को मेरठ से प्रयागराज तक के सफर के लिए करीब 1800 रुपये ही देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अभी दो सप्ताह का समय है, जल्द ही सारी स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।

वहीं आइआरबी के परियोजना निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी ने मेरठ ने बदायूं तक 130 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का निर्माण किया है। बेस प्राइज 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से 331.50 रुपये बनते हैं, लेकिन स्ट्रक्चर में खर्च की गई राशि को संबंधित फार्मूले के अनुसार जोड़ने पर 103.50 रुपये और वसूले जाएंगे। यानी मेरठ से बदायूं तक 435 रुपये टोल के रूप में वसूले जाएंगे। इसी प्रकार पूरे एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की वसूली होगी। अच्छी बात यह है कि जितने किलोमीटर की दूरी वाहनों द्वारा तय की जाएगी उतनी ही दूरी का टोल लिया जाएगा।

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