देवभूमि में बेखौफ अपराध! कांग्रेस का पुलिस HQ घेराव, DGP को चेताया—‘लगाम नहीं लगी तो सड़क पर तूफान , गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस का घेराव, सरकार को दो टूक चेतावनी ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का पुलिस मुख्यालय घेराव, “हत्या-वारदातों पर लगाम नहीं लगी तो उग्र आंदोलन” की चेतावनी !

देहरादून -: उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और दिन-दहाड़े हो रही हत्याओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय का घेराव कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला गया और घेराव के बाद पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। इस कार्यक्रम में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में हत्या और गंभीर आपराधिक घटनाएं खुलेआम हो रही हैं, जिससे आमजन के बीच भय, असुरक्षा और चिंता का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि और शांतिप्रिय माने जाने वाले राज्य में हाल के दिनों की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि कानून का भय नगण्य होता प्रतीत हो रहा है, और ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं, बल्कि सामाजिक शांति और जनता के भरोसे को भी कमजोर कर रही हैं।
ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने राज्य की कानून व्यवस्था को “अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य” बताते हुए सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के मन से कानून का डर समाप्त हो गया है। पार्टी ने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते 15 दिनों के भीतर देहरादून सहित विभिन्न जिलों में दिन-दहाड़े पांच जघन्य हत्याकांड सामने आए हैं और पुलिस की नाक के नीचे हुई इन घटनाओं में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है, जो गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कठोर और ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सामाजिक अस्थिरता बढ़ने और जनविश्वास में भारी गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस परिणामों की अपेक्षा जताते हुए मांग की कि प्रदेश के सभी संवेदनशील और अपराध-प्रवण क्षेत्रों में विशेष पुलिस अभियान चलाए जाएं, संगठित अपराध और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ कठोरतम दमनात्मक कार्रवाई हो, प्रत्येक गंभीर आपराधिक घटना की समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए तथा लापरवाही पर पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। पार्टी ने कहा कि आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने के लिए पुलिस को तत्काल ऐसे कदम उठाने होंगे जो जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दें और प्रभावी परिणाम दें।
इस दौरान प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से ज्ञापन को पठित रूप में प्रेषित किया। घेराव कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और संगठन पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, शूरवीर सिंह सजवाण, पूर्व विधायक मनोज रावत सहित प्रदेश कोषाध्यक्ष, महामंत्री, महिला संगठन, महानगर व जिला इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने अंत में दोहराया कि यदि राज्य की कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं आई और हत्याओं की श्रृंखला पर लगाम नहीं लगी तो पार्टी को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
