उत्तर प्रदेश

ठंड को मात देकर किसान कर रहे गेहूं की पहली सिंचाई !

 जौनपुर (बदलापुर) -: बदलापुर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और गलन के बावजूद किसान गेहूं की पहली सिंचाई में जुटे हुए हैं। गेहूं की बुआई के बाद अब फसलों को समय पर पानी देने के लिए खेतों में सुबह से शाम तक हलचल बनी हुई है। ठंड के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं किसान अपनी फसल को बेहतर उत्पादन देने के लिए मौसम की परवाह किए बिना मेहनत कर रहे हैं। इस वर्ष गेहूं की खेती में एक विशेष स्थिति देखने को मिल रही है। ‘मोंथा’ चक्रवात के दौरान हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रही, जिससे किसानों को पलेवा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

इसी नमी के कारण अधिकतर किसानों ने समय पर बुआई कर ली थी और अब एक साथ पहली सिंचाई की जरूरत पड़ रही है।सिंचाई के साथ ही किसान अगली तैयारियों में भी जुट गए हैं। जिन खेतों में पानी देने का कार्य पूरा हो चुका है, वहां यूरिया छिड़काव की तैयारी शुरू हो गई है। किसान साधन सहकारी समितियों और बाजारों से यूरिया की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, जो किसान अभी सिंचाई में लगे हैं, वे भी भविष्य की जरूरत को देखते हुए यूरिया पहले से ही घर पर रख रहे हैं, ताकि समय पर खाद की कमी न हो। मंगलवार को भी क्षेत्र में ठंड और गलन का असर बना रहा। दिनभर बादलों की मौजूदगी के कारण धूप नहीं निकल सकी, जिससे सर्दी और बढ़ गई। इसके बावजूद किसान खेतों में डटे रहे।

सिंचाई के दौरान खेतों के आसपास बगुलों के झुंड दिखाई दे रहे हैं, जो पानी भरे खेतों में भोजन की तलाश करते नजर आते हैं। यह दृश्य ग्रामीण इलाकों में आम है, लेकिन इस भीषण ठंड में खेतों में काम करना किसानों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।किसानों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और सिंचाई व खाद समय पर मिलती रही, तो इस वर्ष गेहूं की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। ठंड के बीच खेतों में बहता पानी और किसानों की मेहनत आने वाले समय में बेहतर फसल का संकेत दे रही है।

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