रूस के सैनिकों के सप्लाइ लाइन ( supply line )पर मंडराया खतरा
कीव. रूस और यूक्रेन के बीच कई महीनों से लगातार जारी युद्ध को लेकर बड़ी खबर है. यूक्रेनी सेना ने युद्ध शुरू होने के बाद से अभी तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने सोमवार को देश के दक्षिण में नीपर नदी के किनारे बढ़त बनाई है और सैनिक लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं. उनकी इस सफलता से रूस के सैनिकों के लिए जरूरी सप्लाइ लाइन ( supply line ) पर खतरा बढ़ गया है.
चौंकाने वाली बात यह है कि कीव की ओर से इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन रूस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि यूक्रेन के टैंक हमला करते हुए नदी के पश्चिमी किनारे के कई किलोमीटर आगे निकल आए हैं. इस दौरान उन्होंने इलाके में बसे कई गांवों पर दोबारा कब्जा कर लिया है. यूक्रेन सेना की इस उपलब्धि से उनको पूर्वी इलाके में मिली सफलता का पता चलता है. यहीं से यह युद्ध रूस पर भारी पड़ता दिखाई दिया था. वह भी तब, जब रूस ने सीमाएं हटाने, युवाओं को सेना में लाने और न्यूक्लियर युद्ध की धमकी दी थी.
तेजी से बढ़ रही यूक्रेन की सेना
रूस के इंस्टॉल्ड लीडर व्लादिमीर सालदो ने रूसी चैनल को बताया कि जानकारी सही है. स्थिति गंभीर है. यूक्रेनी सेना को बड़ी कामयाबी मिली है. उन्होंने कहा कि नीपर नदी और इसके इलाके को यूक्रेनी सेना ने कब्जे में ले लिया है. यहां जिस इलाके को लेकर दोनों देशों में समझौता हुआ था उसे ‘डडचेनी’ कहते हैं. यह इलाका करीब 30 किलोमीटर का है. यही वह इलाका है, जिसमें युद्ध की शुरुआत में रूस के सैनिकों ने बड़ी तेजी से हमला किया था और इलाके को कब्जे में लिया था.
राजधानी कीव की प्रतिक्रिया नहीं
यूक्रेन सेना की इस सफलता पर कीव ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इसने इस मामले में चुप्पी साध रखी है. जबकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है. दूसरी ओर, यूक्रेन के आंतरिक मंत्रालय के सलाहकार एंटन गेराश्शेंको ने यूक्रेनी सेना की विजय की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की. इसमे सैनिक झंडे और परी की स्वर्णिम मूर्ति के साथ पोज दे रहे हैं.
युद्ध के बीच पहली बार देखी ये तस्वीर
एक अधिकारी ने कहा कि पिछले दिनों से जारी घमासान के बाद पहली बार हमने ओसोकोरिव्का की तस्वीर देखी है. हमने अपने सैनिकों को मिखेलिव्का के प्रवेश द्वार पर देखा. हमने सैनिकों को रेशेनिव्का में देखा. इसका मतलब यह है कि जोलोटा बालका भी हमारे सैनिकों के कब्जे में है. इसका मतलब यह भी है कि हमारे सशस्त्र सैनिका पूरी शक्ति के साथ निप्रो के किनारे बढ़ते जा रहे हैं. वह बेरीस्लेव, सर्हीव लान इलाकों से गुजर रहे हैं.





