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Congenital Deafness Treatment: अब जीन थेरेपी से ठीक हो सकेगा जन्म से बहरापन, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा

Karolinska Institute की स्टडी में दावा—OTOF जीन की समस्या को ठीक कर सुनने की क्षमता लगभग सामान्य करने की उम्मीद

नारी डेस्क: जन्म से सुनने की समस्या यानी Congenital Deafness से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों के लिए अब एक उम्मीद भरी खबर सामने आई है। नई रिसर्च के मुताबिक, आने वाले समय में जीन थेरेपी के जरिए सुनने की क्षमता को काफी हद तक सामान्य किया जा सकता है।

अब तक जहां हियरिंग एड और कॉक्लियर इम्प्लांट ही मुख्य विकल्प थे, वहीं वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की है, जो इस समस्या की जड़ पर काम करती है।


क्या है नई रिसर्च? 

स्वीडन के Karolinska Institute की एक स्टडी, जो Nature जर्नल में प्रकाशित हुई है, में जीन थेरेपी के जरिए बहरेपन के इलाज की नई दिशा दिखाई गई है।

इस रिसर्च में पाया गया कि एक खास जेनेटिक कारण से होने वाले बहरेपन को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।


किस कारण होता है बहरापन?

  • यह जीन “ओटोफरलिन” नामक प्रोटीन बनाता है
  • यह प्रोटीन कान से दिमाग तक साउंड सिग्नल पहुंचाने में मदद करता है
  • जब यह सही से काम नहीं करता, तो सुनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है

कैसे किया गया इलाज? 

इस नई तकनीक में जीन थेरेपी का इस्तेमाल किया गया:

  • शरीर में हेल्दी जीन डाला गया
  • सुरक्षित वायरस (AAV) का उपयोग किया गया
  • इंजेक्शन के जरिए जीन को सीधे कान में पहुंचाया गया
  • यह प्रक्रिया “राउंड विंडो” हिस्से में की गई

इलाज के नतीजे क्या रहे?

रिसर्च के परिणाम बेहद सकारात्मक रहे:

  • 1 महीने में सुधार दिखने लगा
  • 6 महीने में सुनने की क्षमता बेहतर हो गई
  • मरीज धीमी आवाजें भी सुनने लगे

बच्चों में ज्यादा असर

इस रिसर्च में 5 से 8 साल के बच्चों में सबसे ज्यादा फायदा देखा गया।
एक बच्ची ने कुछ ही महीनों में लगभग सामान्य सुनने की क्षमता हासिल कर ली और अपने परिवार से बातचीत करने लगी।


क्या है भविष्य की उम्मीद? 

यह इलाज अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक लाखों लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

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