हरियाणा BOCW घोटाले पर बड़ा एक्शन: फर्जीवाड़े के बाद अब असली श्रमिकों को मिलेगा लाभ
अनिल विज का ऐलान—जांच पूरी, सही दस्तावेज वालों की ID होगी एक्टिव; फर्जी लाभ लेने वालों से होगी वसूली
चंडीगढ़: हरियाणा (हरियाणा)में ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ (BOCW) में हुए फर्जी पंजीकरण घोटाले के बाद सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल विज ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद अब वास्तविक श्रमिकों को उनका हक दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मंत्री के अनुसार, जिन श्रमिकों के दस्तावेज और वर्क स्लिप सही पाए गए हैं, उनकी निष्क्रिय आईडी को दोबारा एक्टिव किया जाएगा, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
सरकार के बड़े फैसले
पोर्टल फिर खुलेगा:
उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद सरकार उन श्रमिकों के लिए पोर्टल दोबारा खोलने जा रही है, जिनकी जानकारी सत्यापित हो चुकी है।
दोबारा पंजीकरण का मौका:
जिन श्रमिकों के दस्तावेज आंशिक रूप से सही हैं, उन्हें नए सिरे से पंजीकरण का अवसर मिलेगा। फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद पात्र पाए जाने पर उन्हें पुराने लाभ भी मिल सकते हैं।
जिला स्तर पर शिकायत समिति:
हर जिले में ग्रीवेंस कमेटी बनाई जाएगी, ताकि श्रमिकों की शिकायतों का तेजी से समाधान हो सके।
2008 से अब तक की होगी जांच
सरकार अब इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने की तैयारी में है। संकेत मिले हैं कि 2008 से अब तक के सभी रिकॉर्ड और वर्क स्लिप की गहन जांच की जा सकती है, जिससे घोटाले का दायरा और बड़ा सामने आ सकता है।
फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई
अनिल विज ने स्पष्ट कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने वालों से रकम की वसूली की जाएगी। जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में प्रति व्यक्ति करीब ₹2.5 लाख तक का गलत फायदा उठाया गया है।
इसके साथ ही इस घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या बदलेगा अब?
सरकार के इस कदम से हजारों वास्तविक श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने हक का इंतजार कर रहे थे।

