main slideप्रमुख ख़बरें

‘asani’ आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा, तट तक आते-आते पड़ सकता है कमजोर

नयी दिल्ली –  भीषण चक्रवात ‘asani’ बुधवार को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ गया और राज्य के नरसापुर में 34 किलोमीटर भीतर तक इसका असर दिखाई दिया। इस दौरान क्षेत्र में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार, चक्रवात के तट से दूर जाने और बृहस्पतिवार तक इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।

Monsoon Likely : दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक, पहाड़ों पर बारिश, जाने पूरी खबर

बंगाल की खाड़ी में समा जाने की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने राष्ट्रीय बुलेटिनमें बताया, ‘‘ इसके अगले कुछ घंटों में उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। बुधवार को दोपहर से शाम के बीच इसके एक बार फिर जोर पकड़ने और नरसापुर, यानम, काकीनाड़ा, तुनी तथा विशाखापत्तनम तटों के साथ उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर धीरे-धीरे बढ़ने और रात में उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समा जाने की संभावना है।’’ विभाग के अनुसार, ‘‘ 12 मई तक इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है।’’

आईएमडी चक्रवाती तूफान पर नजर बनाए हुए है और सात मई से अभी तक 30 राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर चुका है, ताकि स्थानीय प्रशासन को तूफान के बारे जानकारी और उससे निपटने के सुझाव दे पाए। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्र में बुधवार शाम तक काफी हलचल रहने और उसके बाद बृहस्पतिवार को उसी क्षेत्र में स्थिति बेहद खराब रहने का पूर्वानुमान है।

 'asani'
‘asani’

मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र से दूर रहने को कहा गया है। उसने कहा कि इस तूफान से आंध्र प्रदेश के कृष्णा, पूर्वी तथा पश्चिम गोदावरी जिलों और पुडुचेरी के यानम के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात के कारण फूस की झोपड़ियों को और बिजली तथा संचार लाइनों कोनुकसान पहुंचा सकता है। आंध्र प्रदेश के कृष्णा, पूर्वी तथा पश्चिम गोदावरी और विशाखापत्तनम जिलों और पुडुचेरी में यानम में धान और अन्य खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

Show More

यह भी जरुर पढ़ें !

Back to top button