युद्ध की आग में जल रहा सीरिया

सीरिया में मार्च 2011 में युद्ध शुरू हुआ था. जिसमें अभी तक करीब 350,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और देश की आधी आबादी विस्थापित हो गई है, जिसमें 50 लाख लोग विदेश में शरणार्थी बनकर रह रहे हैं. इसके अलावा देश की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है.
सीरिया की राजधानी दमिश्क में दो बड़े बम धमाके हुए हैं. सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, यहां सेना की एक बस को निशाना बनाते हुए बम धमाके किए गए. धमाके में अबतक कम से कम 14 सैनिकों की मौत हो गई. हमले में 3 लोग घायल भी हुए हैं. सीरिया में मार्च 2011 में युद्ध शुरू हुआ था. जिसमें अभी तक करीब 350,000 से अधिक लोग मारे गए हैं
घटना सुबह के समय हुई, जब लोग अपने दफ्तर और स्कूलों की तरफ जा रहे थे. इसमें बताया गया है कि जब बस हाफेज अल-असद पुल से गुजर रही थी, तब दो विस्फोटक उपकरणों में धमाका हो गया. जबकि एक तीसरा उपकरण सेना की इंजीनियरिंग यूनिट ने डिफ्यूज कर दिया. जिसके कारण और ज्यादा नुकसान होने से बचा जा सका. अधिकारियों ने इसे ‘आतंकी’ हमला करार दिया है.
दमिश्क में विस्फोट दुर्लभ हैं, क्योंकि राष्ट्रपति बशर अल-असद के प्रति वफादार सैनिकों ने शहर के चारों ओर विद्रोहियों के क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है. रूस की सैन्य उपस्थिति और ईरान के मिलिशिया की मदद से, असद अब देश के अधिकांश हिस्से को नियंत्रित करते हैं.
देश की आधी आबादी विस्थापित हो गई है, जिसमें 50 लाख लोग विदेश में शरणार्थी बनकर रह रहे हैं. इसके अलावा देश की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है. बहुत से नागरिकों की मौत सरकारी हमलों में भी हुई है.
सरकार और उसके समर्थन वाली दूसरे देशों की सेना ने विद्रोहियों को निशाना बनाते हुए स्कूलों और अस्पतालों पर हमले किए हैं. जिसके कारण आम नागरिकों की मौत हुई है. इसके अलावा सेना और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में भी आम नागरिक अपनी जान गंवाते हैं.





