उत्तराखंड

कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालु ध्यान दें: 17 और 18 अक्टूबर को यातायात डायवर्जन, शटल सेवा की व्यवस्था

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नैनीताल | 17 अक्टूबर 2026

  • सप्ताहांत पर संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने 17 और 18 अक्टूबर के लिए यातायात योजना जारी की।

  • कैंची धाम जाने वाले निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने की व्यवस्था की गई।

  • भीमताल विकास भवन और भवाली सैनिटोरियम में पार्किंग के बाद शटल सेवा का विकल्प दिया गया।

  • कुछ मार्गों पर वाहनों का डायवर्जन और भारी वाहनों की आवाजाही पर समयबद्ध प्रतिबंध लागू किया गया।

सप्ताहांत की भीड़ के लिए प्रशासन की तैयारी

नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में सप्ताहांत के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने 17 और 18 अक्टूबर के लिए यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की। प्रशासन का उद्देश्य मंदिर क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम करना, जाम की स्थिति से बचना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखना है।

कैंची धाम नैनीताल जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। निजी वाहनों की संख्या बढ़ने पर मंदिर के आसपास की सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्धारित पार्किंग स्थलों और शटल सेवा की व्यवस्था की गई।

कहां पार्क होंगे वाहन?

प्रकाशित यातायात योजना के अनुसार, भीमताल की ओर से निजी वाहनों में आने वाले पर्यटकों को भीमताल स्थित विकास भवन पार्किंग में वाहन खड़े करने की व्यवस्था दी गई। वहां से श्रद्धालु शटल सेवा के माध्यम से भवाली और कैंची धाम की ओर जा सकते हैं।

वहीं, गेठिया और नैनीताल की दिशा से आने वाले वाहनों के लिए भवाली सैनिटोरियम में पार्किंग की व्यवस्था बताई गई है। इसके बाद यात्रियों को मंदिर तक पहुंचने के लिए शटल सेवा का इस्तेमाल करना होगा।

इस तरह की व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर के आसपास निजी वाहनों की संख्या कम करना है। हालांकि, यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले पुलिस की नवीनतम एडवाइजरी देखकर पार्किंग स्थल और शटल सेवा की मौजूदा स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।

दूसरे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए डायवर्जन

यातायात योजना में मैदानी क्षेत्रों से अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे वाहनों को खुटानी बैंड, भीमताल, धारी और धानाचूली बैंड की दिशा से भेजने की व्यवस्था की गई थी।

काठगोदाम से रानीखेत, बेतालघाट, सुयालबाड़ी और खैरना की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रास्ते में लगाए गए संकेतों और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर यातायात व्यवस्था में बदलाव भी हो सकता है।

भारी वाहनों पर प्रतिबंध

प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, 17 और 18 अक्टूबर को सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध संबंधी व्यवस्था की गई थी। इसका उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव घटाना था। ऐसे प्रतिबंध निर्धारित अवधि और संबंधित सड़क खंडों के लिए होते हैं, इसलिए इन्हें सभी वाहनों पर समान रूप से लागू मानना उचित नहीं होगा।

यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव

  • यात्रा से पहले यातायात पुलिस की ताजा एडवाइजरी जांचें।

  • पार्किंग स्थल की जानकारी लेकर ही निजी वाहन से निकलें।

  • शटल सेवा के लिए अतिरिक्त समय रखें।

  • वैकल्पिक मार्ग अपनाते समय स्थानीय पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

  • बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा करते समय आवश्यक सुविधाओं की पहले से योजना बनाएं।

निष्कर्ष: कैंची धाम में सप्ताहांत के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पार्किंग और शटल सेवा महत्वपूर्ण उपाय हैं। श्रद्धालुओं को असुविधा से बचने के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर यात्रा करनी चाहिए।

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