चार धाम यात्रा में पर्यावरणीय पहल का असर, 10 लाख से अधिक कंटेनर लौटे, बद्रीनाथ सबसे आगे !
देहरादून -: चार धाम यात्रा 2026 के पहले चार महीनों में तीर्थयात्रियों ने डिजिटल डिपॉज़िट रिफ़ंड स्कीम (डीडीआरएस) के तहत 10 लाख से अधिक क्यूआर-कोड वाले कंटेनर और पैकेजिंग वापस किए। यात्रा प्रशासन के अनुसार, 19 अप्रैल से 26 अगस्त तक बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में कुल 10,17,200 कंटेनर जमा हुए, जिनकी औसत रिकवरी दर 93.25 प्रतिशत रही।
धामवार आंकड़ों में बद्रीनाथ धाम सबसे आगे रहा, जहाँ 3,04,771 कंटेनर लौटाए गए और रिकवरी प्रतिशत 94 रहा। गंगोत्री में 2,72,864 कंटेनर के साथ 97 प्रतिशत की सर्वाधिक रिकवरी दर्ज हुई। केदारनाथ में 2,90,273 कंटेनर (90%) और यमुनोत्री में 1,49,292 कंटेनर (92%) जमा हुए।
जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने बताया कि गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों की सक्रिय भागीदारी उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि भागीरथी और यमुना के स्रोत होने के कारण इन क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन बेहद अहम है।
पिछले चार वर्षों में इस पहल में तीर्थयात्रियों की भागीदारी लगातार बढ़ी है। 2022-23 से अब तक क्यूआर-बेस्ड कंटेनर कलेक्शन में 31 गुना वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि कलेक्शन पॉइंट्स की संख्या छह गुना बढ़ी है। अधिकारियों का अनुमान है कि नवंबर तक यात्रा सीज़न जारी रहने से कुल कलेक्शन में और बढ़ोतरी होगी।
डीडीआरएस टीम के सदस्य ने कहा कि “हर सीज़न में हम देखते हैं कि ज़्यादा तीर्थयात्री अपनी बोतलें रास्ते में छोड़ने के बजाय वापस जमा कर रहे हैं। यह आदत सामूहिक रूप से यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाने में मददगार साबित हो रही है।”



