हल्द्वानी पर सियासत से पहले धमकी झेल रहे दलित युवाओं की चिंता करे कांग्रेस : महेंद्र भट्ट

देहरादून -: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी मामले को लेकर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को हल्द्वानी पर सियासत से पहले धमकी झेल रहे दलित युवाओं की चिंता करनी चाहिए। भट्ट ने कहा कि खड़गे 25 दिन का हिसाब मांग रहे हैं, लेकिन देश कांग्रेस से पूछ रहा है कि उसे वास्तव में न्याय और दलित सम्मान की चिंता है या हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को घेरने की राजनीति करनी है। देवभूमि की सामाजिक संस्कृति को समझे बिना छुआछूत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार बनाना विभाजनकारी राजनीति है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उत्तराखंड की एक सामाजिक संस्था से जुड़े दलित युवाओं ने कथित धमकियों के चलते सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और एफआईआर दर्ज कराई। यदि राजनीतिक बयानबाजी के बाद किसी दलित युवा को भय महसूस होता है तो यह भी गंभीर विषय है। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद धमकियों का सामना कर रहे युवाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस दूसरों को दलित विरोधी बताने से पहले अपने इतिहास के पन्ने पलटे। 1952-54 में डॉ. आंबेडकर की चुनावी हार से लेकर 1990 में भारत रत्न दिए जाने तक कांग्रेस बताए कि सम्मान देने में इतनी देर क्यों हुई। उन्होंने बीकानेर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के ही दलित नेता मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट के आरोप सामने आए थे। जो पार्टी अपने संगठन में दलित नेता के सम्मान का सवाल हल नहीं कर पाती वह दलित सम्मान का पाठ पढ़ा रही है। मिर्चपुर कांड में 70 वर्षीय ताराचंद और उनकी दिव्यांग बेटी सुमन की मौत कांग्रेस शासनकाल में हुई थी, तब कांग्रेस ने वैसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं लेकिन कानून से ऊपर नहीं हैं। हर कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक हमला बताने की आदत कांग्रेस को छोड़नी चाहिए।उन्होंने कहा कि दलित सम्मान किसी दल की जागीर नहीं बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। उत्तराखंड में कानून अपना काम करेगा और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।



