एफटीए पर हस्ताक्षर न करे सरकार, वरना देशभर में आंदोलन: संयुक्त किसान मोर्चा की चेतावनी !

एसकेएम ने 10 अगस्त 2026 को देशव्यापी विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान रेल रोको, रास्ता रोको और जेल भरो जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 28 जुलाई को नई दिल्ली में अखिल भारतीय सम्मेलन और 29 जुलाई को तालकटोरा स्टेडियम में मजदूर-किसान राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की भी भागीदारी रहेगी। बैठक में सरकार की कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया गया कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं। एसकेएम ने बढ़ती महंगाई, खाद-डीजल और गैस की कीमतों, ग्रामीण रोजगार, मजदूरी और जल संकट जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
संगठन ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और छात्रों से एकजुट होकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। साथ ही विभिन्न राज्यों में चल रहे किसान और सामाजिक आंदोलनों को समर्थन देने की भी घोषणा की गई है। हन्नान मोल्लाह, सत्यवान, राजन क्षीरसागर, डॉ. दर्शन पाल, डॉ. सुनीलम, डॉ. आशीष मित्तल और प्रेम सिंह गहलावत की अध्यक्षता वाली समिति ने बैठक का संचालन किया, जबकि रमिंदर सिंह पटियाला ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और पी. कृष्णप्रसाद ने समापन भाषण दिया।
