उत्तराखंड

राज्य आंदोलन की वीरांगना विमला कोठियाल का निधन, धीरेंद्र प्रताप ने कहा – ‘त्याग का अध्याय हुआ समाप्त’

मुजफ्फरनगर कांड की मुख्य गवाह रहीं विमला कोठियाल को उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए किया नमन

श्रीनगर। राज्य निर्माण आंदोलन की प्रख्यात हस्ती और श्रीनगर निवासी विमला कोठियाल के निधन पर शोक की लहर दौड़ गई है। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके जाने से राज्य आंदोलन के त्याग और बलिदान का एक स्वर्णिम अध्याय हमेशा के लिए समाप्त हो गया है।

प्रताप ने विमला कोठियाल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए बताया कि वह 2 अक्टूबर 1994 को हुए मुजफ्फरनगर कांड की मुख्य गवाहों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि विमला कोठियाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपनी जान, मान और सम्मान की परवाह किए बिना अद्वितीय त्याग किया। उनकी दृढ़ता और संघर्ष ने आंदोलन को एक मजबूत धार दी थी।

धीरेंद्र प्रताप ने भावुक होते हुए कहा, “विमला कोठियाल जैसे अमर आंदोलनकारियों के योगदान को उत्तराखंडी सदियों तक भुला नहीं सकते। उनके निधन से हम सबने एक सच्ची आंदोलनकारी और प्रेरणास्रोत खो दी है। आज उत्तराखंड का हर नागरिक शीश झुकाकर उन्हें याद कर रहा है।”

गौरतलब है कि विमला कोठियाल श्रीनगर क्षेत्र में राज्य आंदोलन की अग्रणी महिला नेताओं में शुमार थीं। उनके निधन पर स्थानीय लोगों, आंदोलनकारियों और राजनीतिक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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