Nepal:नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश के गृह मंत्री Sudan Gurung ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी कारोबारी Deepak Bhatt से कथित संबंधों और वित्तीय लेनदेन को लेकर सवाल उठ रहे थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुंग ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और हितों के टकराव से बचने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके लिए नैतिकता किसी भी पद से ऊपर है और जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है।
🔍 विवाद की जड़ क्या है?
मामला तब सुर्खियों में आया जब कारोबारी दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद गुरुंग के साथ उनके कथित संबंधों और वित्तीय गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग के निजी खातों, उनकी संस्था ‘हामी नेपाल’ और अन्य कंपनियों के बीच बड़े स्तर पर लेनदेन हुए। कुछ ट्रांजैक्शंस के स्रोत और उद्देश्य स्पष्ट नहीं बताए गए, जिससे विवाद गहरा गया।

💰 बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन पर सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार:
- ‘हामी नेपाल’ के खाते Himalayan Bank और Nabil Bank में थे
- फरवरी 2025 में हिमालयन बैंक का खाता बंद किया गया, जिसमें लाखों रुपये थे
- जुलाई 2021 से अगस्त 2025 के बीच नबिल बैंक खाते में करीब 2.28 करोड़ रुपये जमा हुए
- कुछ ट्रांजैक्शन ऐसे पाए गए जिनकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है
इसके अलावा, कोविड सहायता राशि पहले निजी खाते में आने और बाद में संस्था के खाते में ट्रांसफर होने पर भी सवाल उठे हैं।
📉 सरकार पर बढ़ता दबाव
यह मामला नेपाल की नई सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है। Balen Shah के नेतृत्व वाली सरकार में यह एक महीने के भीतर दूसरा इस्तीफा है। इससे पहले 9 अप्रैल को Deepak Kumar Sah को भी पद छोड़ना पड़ा था।
⚖️ राजनीतिक पृष्ठभूमि
36 वर्षीय गुरुंग हाल ही में उभरे युवा नेताओं में गिने जाते हैं और सितंबर 2025 के Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे। उन्हें 27 मार्च को गृह मंत्री नियुक्त किया गया था।
पद संभालने के तुरंत बाद उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री K P Sharma Oli समेत कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे, जिससे वे पहले ही चर्चा में आ चुके थे।

📊 आगे क्या?
गुरुंग के इस्तीफे के बाद अब पूरे मामले की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। वहीं, विपक्ष और जनता दोनों सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।