Latu Devta Temple: रहस्यों से घिरा मंदिर, साल में सिर्फ एक दिन खुलते हैं कपाट
आंखों पर पट्टी बांधकर होती है पूजा, नागराज की मणि से जुड़ी है अनोखी मान्यता
Delhi:भारत आस्था और विविधताओं का देश है, जहां कई ऐसे मंदिर (Latu Devta Temple) वाण गांव में स्थित Latu Devta Temple भी ऐसा ही एक अद्भुत और प्राचीन मंदिर है।
यह मंदिर Nanda Devi के धर्म भाई लाटू देवता को समर्पित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां लाटू देवता नागराज के रूप में विराजमान हैं। यही कारण है कि इस मंदिर से जुड़ी परंपराएं बेहद खास और रहस्यमयी मानी जाती हैं।
🕉️ साल में सिर्फ एक बार खुलते हैं कपाट
इस मंदिर के कपाट पूरे साल बंद रहते हैं और केवल बैसाखी पूर्णिमा के दिन ही खोले जाते हैं। इस खास अवसर पर श्रद्धालु दूर से ही दर्शन करते हैं, जबकि मंदिर के अंदर जाने की अनुमति बहुत सीमित होती है।
👁️ आंखों पर पट्टी बांधकर होती है पूजा
मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा यह है कि यहां पूजा करते समय पुजारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधते हैं। मान्यता है कि मंदिर में नागराज अपनी मणि के साथ विराजमान हैं और उसकी तेज रोशनी से किसी भी व्यक्ति की आंखों को नुकसान हो सकता है। इसी वजह से सीधे दर्शन की अनुमति नहीं दी जाती।
📿 धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं
मंदिर में विशेष रूप से विष्णु सहस्त्रनाम और भगवती चंडिका का पाठ किया जाता है। मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन मंदिर के कपाट फिर से बंद कर दिए जाते हैं।
🏔️ नंदा देवी राजजात यात्रा का अहम पड़ाव
Nanda Devi Raj Jat Yatra के दौरान यह मंदिर 12वां प्रमुख पड़ाव माना जाता है, जो इसकी धार्मिक महत्ता को और बढ़ाता है।


🚫 बदलती परंपराएं
समय के साथ यहां कुछ बदलाव भी किए गए हैं। अब मंदिर परिसर में पशु बलि पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो आधुनिक सोच और परंपरा के संतुलन को दर्शाता है।
📖 एक अनोखी कथा
स्थानीय मान्यता के अनुसार, लाटू देवता ने एक बार गलती से मदिरा का सेवन कर लिया था, जिसके पश्चाताप में उन्हें इस स्थान पर स्थापित किया गया। तभी से यह स्थान विशेष श्रद्धा और अनुशासन का केंद्र बना हुआ है।





