पटियाला में बैसाखी की नई परंपरा: गुरुद्वारा भगत धन्ना जी में पहली बार भव्य महोत्सव
बैसाखी और खालसा पंथ स्थापना दिवस पर कीर्तन, सेवा और श्रद्धा से गूंजा पूरा क्षेत्र
पटियाला: पटियाला जिले के गांव लाछड़ू खुर्द (घन्नौर) में स्थित गुरुद्वारा भगत धन्ना जी में इस वर्ष पहली बार बैसाखी महोत्सव (बैसाखी महोत्सव )का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु संगत ने पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट की और पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया।
🙏 कीर्तन और गुरमत विचारों से सजी संगत
समागम में प्रसिद्ध रागी और ढाडी जत्थों ने हाजिरी भरते हुए गुरबाणी कीर्तन और गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को निहाल किया।
- ज्ञानी लखविंदर सिंह रजौली ने खालसा पंथ के गौरवशाली इतिहास को जोशपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया
- भाई शुभदीप सिंह ने मधुर कीर्तन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करवाई
🍛 सेवा और लंगर की मिसाल
महोत्सव के दौरान गुरु का लंगर लगातार वितरित किया गया, जिसमें सेवादारों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा निभाई। आयोजन में साफ-सफाई, बैठने और भोजन की बेहतरीन व्यवस्था देखने को मिली।
🤝 समाज सेवा और प्रबंधन का संगम
इस आयोजन की सफलता में समाजसेवी भगत सिंह और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पहली बार हुए इस महोत्सव को लेकर गांव में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की गई थीं।
🌟 क्यों खास रहा यह आयोजन?
- पहली बार इतने बड़े स्तर पर बैसाखी महोत्सव
- धार्मिक आस्था के साथ सामुदायिक एकता का संदेश
- हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी
कार्यक्रम के अंत में अरदास कर “सरबत के भले” की कामना की गई। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का भी प्रतीक बना।





