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एआइ की ‘चाल’ से घबराए ओपनएआइ के सीईओ सैम, पांच करोड़ की नौकरी का किया एलान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के तेजी से बढ़ते दायरे और उसके संभावित दुष्प्रभावों को लेकर अब खुद ओपनएआइ के सीईओ सैम आल्टमैन चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘हेड ऑफ प्रिपेयर्डनेस’ नाम के एक अहम पद के लिए भर्ती का एलान किया है, जिसका मकसद एआइ से पैदा होने वाले खतरों को समय रहते पहचानना और उनसे निपटना होगा।

  • सैम आल्टमैन ने एआइ खतरों पर चिंता जताई।
  • ‘हेड ऑफ प्रिपेयर्डनेस’ पद की घोषणा की।
  • एआइ के मानसिक, तकनीकी जोखिमों पर ध्यान।

इस पद के लिए करीब 5.55 लाख डॉलर (लगभग पांच करोड़ रुपये, इक्विटी अलग से) का सालाना पैकेज प्रस्तावित किया गया है। कंपनी ने भी पहली बार खुले तौर पर माना है कि एआइ के मानसिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी उतने ही गंभीर हैं, जितने तकनीकी खतरे। सैम आल्टमैन ने साफ किया कि यह एक बेहद तनावपूर्ण जिम्मेदारी होगी। चयनित व्यक्ति को यह समझना होगा कि एआइ किस तरह खतरनाक रूप ले सकता है और उसे कैसे नियंत्रित किया जाए।

उनके मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एआइ की ताकत का इस्तेमाल कर सकें, लेकिन हैकर्स और हमलावर इसका दुरुपयोग न कर पाएं। नया अधिकारी ओपनएआइ की जोखिम से निपटने की पूरी रणनीति संभालेगा और साइबर सुरक्षा, जैव सुरक्षा तथा खुद को बेहतर बनाने वाले एआइ सिस्टम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर खास नजर रखेगा।

बढ़ रहे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामले एआइ की तमाम खूबियों के बीच हाल के महीनों में इससे जुड़ी नकारात्मक घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में एआइ चैटबॉट्स की भूमिका पर सवाल उठे हैं। कुछ मामलों में आरोप लगे हैं कि एआइ की सलाह ने हिंसक घटनाओं और आत्मघाती प्रवृत्तियों को बढ़ावा दिया।

बता दें कि चैटजीपीटी को लेकर कई मुकदमे सामने आए हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि एआइ चैटबॉट ने किशोरों में आत्महत्या जैसे मामलों में भूमिका निभाई या लोगों के भ्रम और साजिशी सोच को बढ़ावा दिया। एक व्यक्ति के मर्डर-सुसाइड से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं।

कंप्यूटर में घुसने के रास्ते खोज चुका है एआइ

आल्टमैन ने एक्स पर लिखा कि एआइ एजेंट बहुत तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने माना कि एआइ आधारित साइबर हथियार भविष्य में बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसी कारण ओपनएआइ अब सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन पर पहले से ज्यादा जोर दे रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि एआइ एजेंट एक उभरती हुई समस्या बन चुके हैं।

ओपनएआइ के अनुसार, उसके कुछ उन्नत एआइ मॉडल अब कंप्यूटर सुरक्षा प्रणालियों में गंभीर कमजोरियां पहचानने लगे हैं। एआइ से होने वाले साइबर खतरों की आशंका के बीच यह भर्ती और अहम मानी जा रही है। हाल ही में ओपनएआइ की प्रतिद्वंद्वी कंपनी एंथ्रोपिक ने दावा किया था कि चीन से जुड़े हैकर्स ने उसके एआइ टूल का इस्तेमाल कर दुनियाभर के करीब 30 संस्थानों- टेक कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी एजेंसियों- पर साइबर हमले किए, जिनमें मानवीय हस्तक्षेप बेहद कम था।

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