अंतराष्ट्रीय

‘हमारा पड़ोसी मुल्क वैश्विक आतंकवाद का केंद्र’जयशंकर   (आतंकवाद ) 

जिनेवा : भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में उन्होंने भारत की ओर से मुख्य भाषण दिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह UNGA का पहला सत्र है। जय    शंकर अपने भाषण में दुनिया में व्याप्त समस्या के साथ ही पाकिस्तान के झूठ का जवाब भी दिया। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकियों     (आतंकवाद )  को सरपरस्ती करने वाला देश बताया। पहलगाम हमले का भी जिक्र किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में UNGA में अपने संबोधन में भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए थे, भारत ने जयशंकर के आरोपों को खारिज कर दिया था।

इतिहास द्वारा प्रेरित शक्तियों ने UN को आगे बढ़ाया-जयशंकर
एस. जयशंकर ने कहा, “.संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से इतिहास द्वारा प्रेरित शक्तियों ने इस संस्था को आगे बढ़ाया है। जैसे-जैसे उपनिवेशवाद का अंत हुआ, दुनिया अपनी प्राकृतिक विविधता की ओर लौटने लगी। संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता चौगुनी हो गई और संगठन की भूमिका और कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वैश्वीकरण के युग में, इसका एजेंडा और भी विकसित हुआ। विकास लक्ष्य केंद्र में रहे, जबकि जलवायु परिवर्तन एक साझा प्राथमिकता के रूप में उभरा। व्यापार को और अधिक प्रमुखता मिली, जबकि खाद्य और स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच को वैश्विक कल्याण के लिए आवश्यक माना गया।”

आतंकवाद पर हमारी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी
उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक साझा खतरा है UNGA में आतंकवाद पर गहन साझेदारी होनी चाहिए। जब राष्ट्र खुलेआम आतंकवाद को अपनी राजकीय नीति घोषित करते हैं, जब आतंकवादी अड्डे औद्योगिक पैमाने पर संचालित होते हैं, जब आतंकवादियों का सार्वजनिक रूप से महिमामंडन किया जाता है, तो ऐसी कार्रवाइयों की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। जब आतंकवाद राष्ट्र की नीति बन जाए तो इसका निंदा होना चाहिए। जो देश आतंकवाद को प्रश्रय देते हैं उनके खिलाफर एक्शन लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर हमारी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी है।

पाकिस्तान पर साधा निशाना
हमारे पड़ोस में एक मुल्क है जो वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है। पिछले कुछ वर्षों में बड़े अंतराष्ट्रीय आतंकवादी हमले इस एक देश से हुए हैं। हाल का उदाहरण पहलगाम का है जहां निर्देष पर्यटकों को मारा गया। भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध अपने लोगों की रक्षा करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया और इसके आयोजकों और अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया।

संयुक्त राष्ट्र संघ में एस जयशंकर का संबोधन शुरू
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन शुरू । उन्होंने कहा, “भारत के लोगों की ओर से नमस्कार। हम इस अद्वितीय संस्था की स्थापना के आठ दशक बाद यहाँ एकत्रित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र हमसे न केवल युद्ध रोकने, बल्कि शांति स्थापित करने का आह्वान करता है। न केवल अधिकारों की रक्षा करने, बल्कि प्रत्येक मानव की गरिमा को बनाए रखने का भी आह्वान करता है।”

एस जयशंकर ने कई विदेश मंत्रियों से मुलाकात की
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने UNGA के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान कई विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इन मुलाकातों का उद्देश्य भारत के रिश्तों को मजबूत करना और अलग-अलग देशों के वैश्विक दृष्टिकोण को समझना था।

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