लखनऊ
महिला पर हमला कर लूटपाट करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, सचिवालय कॉलोनी की घटना का पुलिस ने किया खुलासा
लखनऊ : -लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र स्थित सचिवालय कॉलोनी में एसी रिपेयरिंग के बहाने घर में घुसकर महिला पर धारदार हथियार से हमला कर लूटपाट करने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पूर्वी जोन की क्राइम टीम और थाना गाजीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में घटना में शामिल दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई दोनों बालियां बरामद कर ली गई हैं। पकड़े गए अभियुक्तों में एक पर चोरी और नकबजनी के कई मामले पूर्व से दर्ज हैं, जबकि दूसरा भी अपराध की दुनिया में सक्रिय होने की पुष्टि हो रही है।यह वारदात 9 जुलाई को उस समय हुई जब सचिवालय कॉलोनी निवासी हरीश चंद्र पांडेय की पत्नी शशि पांडेय घर पर अकेली थीं। तभी दो युवक एसी रिपेयर करने के बहाने घर में दाखिल हुए।
महिला को झांसे में लेकर दोनों ने अचानक धारदार हथियार से उनके गले और हाथ पर हमला कर दिया और कान में पहनी हुई बालियां लूटकर फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की ओर से घटना की जानकारी गाजीपुर थाने में दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 238/25 अंतर्गत धारा 309(6) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की।पुलिस के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घटना की तह तक जाने के लिए एक संयुक्त टीम गठित की गई, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूत्रों से मिले इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि घटना को अंजाम देने वाले आरोपी बस्तौली तालाब के पास देखे गए हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान चिरकू उर्फ कपिल निवासी समौद्दीपुर इन्दिरानगर, मूल निवासी पर्वतपुर सिंधौली, थाना संधना, जनपद सीतापुर और मोगली उर्फ रामधीरज कश्यप निवासी फरीदीनगर इन्दिरानगर, मूल निवासी बरूहा, थाना खैराबाद, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है।दोनों के पास से लूटी गई दो अदद सोने की बालियां बरामद की गईं। बरामदगी के आधार पर मामले में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चिरकू उर्फ कपिल के विरुद्ध पहले से गाजीपुर थाने में 6 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी, नकबजनी और माल बरामदगी से संबंधित धाराएं शामिल हैं।वहीं मोगली उर्फ रामधीरज का नाम इस मामले में पहली बार सामने आया है, लेकिन पुलिस अन्य जिलों से उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनका संबंध किसी संगठित गिरोह से है या नहीं।इस पूरे अभियान में थाना गाजीपुर पुलिस के साथ-साथ क्राइम टीम पूर्वी जोन के अधिकारियों और सिपाहियों की विशेष भूमिका रही।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा इस सराहनीय कार्य के लिए टीम को सम्मानित किए जाने की संभावना है।यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि अपराधी अब ठगी और हमले के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा और किसी भी अनजान व्यक्ति को घर में प्रवेश देने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल नजदीकी थाने को दें, जिससे समय रहते अपराध की रोकथाम की जा सके।


