उत्तराखंडराज्य

कांवड़ यात्रा 2025: हरिद्वार में पहली बार ‘नभ नेत्र’ ड्रोन से होगी भीड़ की निगरानी

इस वर्ष कांवड़ यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आपदा-मुक्त बनाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की है। हरिद्वार में पहली बार अत्याधुनिक ‘नभ नेत्र’ ड्रोन की तैनाती की जाएगी, जो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, घाटों, पुलों और सड़कों की लाइव मॉनिटरिंग करेगा।
ड्रोन से प्राप्त लाइव फीड को राज्य व जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों में लगातार मॉनिटर किया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा या आकस्मिक स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
आपदा प्रबंधन प्रणाली में बड़ा बदलाव – IRS सिस्टम लागू
यूएसडीएमए कंट्रोल रूम में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट अधिकारी नामित करें, जिससे विभागीय समन्वय में कोई रुकावट न हो।
‘सचेत एप’ देगा मौसम की अलर्ट जानकारी
डीआईजी राजकुमार नेगी ने बताया कि यात्रियों को ‘सचेत एप’ के माध्यम से मौसम चेतावनियाँ, जरूरी दिशा-निर्देश और आपातकालीन सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा के प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स पर एप डाउनलोड हेतु होर्डिंग्स व QR कोड भी लगाए जाएंगे। यात्रियों को आपात स्थिति में टोल-फ्री नंबर 112, 1070 और 1077 का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
SDRF, NDRF और जल पुलिस रहेंगी तैनात
घाटों पर 60 आपदा मित्रों के साथ SDRF, NDRF व जल पुलिस की टीमें मुस्तैद रहेंगी। कांगड़ा घाट में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यदि आवश्यक हुआ तो देहरादून से अतिरिक्त NDRF टीमों को तुरंत भेजा जा सकेगा।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम बैठक में डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त सचिव विक्रम सिंह राणा, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मौ. ओबैदुल्लाह अंसारी, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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