पुतिन के जॉम्बी आर्मी (army) के बारे में खुलसा
कीव. यूक्रेन के सैन्य (army) बलों ने नीपर नदी के पूर्वी हिस्से में सफलतापूर्वक मोर्चा जमा लिया है. यह बात एक नये विश्लेषण से सामने आयी है. इससे इन अटकलों को रविवार को बल मिला कि यह कीव के बहुप्रतीक्षित जवाबी हमले का शुरुआती संकेत हो सकता है. वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ‘इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ ने शनिवार देर जानकारी दी कि क्रेमलिन समर्थक सैन्य ब्लॉगर के ‘जियोलोकेटेड’ फुटेज से संकेत मिला कि यूक्रेन के सैनिकों ने ओलेस्की शहर के पास अपने पैर जमा लिये हैं. विश्लेषकों का मानना है कि यदि यूक्रेन जवाबी हमले के साथ आगे बढ़ता है, तो एक प्रमुख लक्ष्य रूस और कब्जा किए गए क्रीमिया प्रायद्वीप के बीच भूमि गलियारे को तोड़ना होगा, जिसके लिए देश के दक्षिण में स्थित नीपर नदी को पार करना आवश्यक होगा.
यूक्रेन के मीडिया की इन खबरों पर कि यूक्रेन के सैनिकों के इस मोर्चा जमाने से संकेत मिलता है कि जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई है, यूक्रेन के ऑपरेशनल कमांड साउथ की प्रवक्ता नतालिया हुमेनियुक ने धैर्य रखने का आह्वान किया. उन्होंने खबरों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया, केवल इतना कहा कि नीपर डेल्टा में सैन्य अभियानों का विवरण परिचालन और सुरक्षा कारणों से प्रकट नहीं किया जा सकता. हुमेनियुक ने यूक्रेनी टेलीविजन पर कहा कि यह ‘कठिन काम’ था जब ‘नीपर जैसी बाधा को दूर करना आवश्यक होता है.रूस के आक्रमण के एक वर्ष से अधिक समय के बाद, अब एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें किसी भी पक्ष को बढ़त नहीं मिल पा रही है. हालांकि यूक्रेन को हाल ही में अपने पश्चिमी सहयोगियों से उन्नत हथियार प्राप्त हुए हैं और सैनिकों को पश्चिम में नए सिरे से प्रशिक्षित किया गया है. अब इससे जवाबी हमले की संभावना बढ़ गई है. पूर्वी दोनेत्स्क क्षेत्र में भयंकर युद्ध हुए हैं, जहां रूस बखमुत शहर को घेरने के लिए संघर्ष कर रहा है. यूक्रेन के ऑपरेशनल कमांड ‘साउथ’ ने रविवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि रूसी सेना ने शनिवार को दिन में और रातभर खेरसॉन क्षेत्र में पांच हवाई बम गिराये. पोस्ट के अनुसार, बम ड्रोन और विमानों से दागे गए और कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.





