महीने पहले ही बसों की बुकिंग करा ली, बराती ले जाने के लिए पड़ रहा भटकना !

लखनऊ. कोरोना काल से शादी का इंतजार कर रहे दूल्हे को बराती ले जाने के लिए भटकना पड़ रहा है. चुनाव के चलते शहर भर के वाहन अधिग्रहण कर लिए गए हैं. आनन-फानन में ट्रैवलवालों एडवांस बुकिंग को रद्द करने लगे. लिहाजा बारातियों को बसे ढूंढे नहीं मिल रही हैं. बराती ट्रैवल्स की गाड़ियों को बुक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं. जानकीपुरम निवासी अमित ने कहा कि हरदोई बरात ले जाने की अनुमति के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ को 2 दिन पहले आवेदन दिया था, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई. जबकि पांच- छह महीने पहले ही बसों की बुकिंग करा ली थी. इसके लिए पैसा भी एडवांस ले लिया था. ऐसे में धनराशि वापस करने पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं.
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आरटीओ और जिलाधिकारी कार्यालयों
जिन लोगों को बरात लेकर अन्य जिलों में जाना है, वे वाहन की अनुमति लेने के लिए आरटीओ और जिलाधिकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. लखनऊ से छोटे जनपदों में बरात ले जाने के लिए लग्जरी कारों की मांग ज्यादा है. इनमें लखनऊ से बिहार, दिल्ली के लिए बसें ढूंढे नहीं मिल रही है. वहीं लखनऊ से अयोध्या, सीतापुर, हरदोई, प्रयागराज, रायबरेली, गोंडा, बलरामपुर के लिए बुकिंग को रद्द करना पड़ रहा है.
लखनऊ के आरटीओ रामफेर त्रिवेदी ने बताया कि लोग शादी की कार्ड लगाकर ट्रांसपोर्ट की पैरवी कर रहे हैं. हमें वाहन देने का कोई अधिकार नहीं है. इसके लिए जिला अधिकारी की अनुमति लेनी होगी. वहां से अनुमति लेकर लोग अपने वाहन ले जा सकते हैं.
टूर एंड ट्रैवल्स एसो के अध्यक्ष रवि आनंद ने बताया कि सहालग के लिए बहनों की बुकिंग बंद है. चुनाव के चलते बसों से लेकर कारो तक कार्य ग्रहण कर लिया गया है. वही शादी-ब्याह के लिए वाहनों के परमिट नहीं मिलने से वाहनों की बुकिंग नहीं ली जा रही है. 23 के बाद बुकिंग ली जा सकती है.


