डिजिटल मंच पर कैसे होगा संग्राम?

देहरादून. पिछले दो सालों में कोविड संक्रमण के चलते राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया पर सक्रिय हुई हैं, लेकिन असली परीक्षा अब चुनाव के पीक टाइम पर हो सकती है. कोविड के बढ़ते संक्रमण के मद्देनज़र ये आशंका जताई जा रही है कि चुनाव आयोग बड़ी रैलियों पर रोक लगा सकता है हाई कोर्ट में चुनाव स्थगित किए जाने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई होनी है, तो दूसरी तरफ अनूप नौटियाल जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी रैलियों पर प्रतिबंध की मांग उठाई है. इस पर अगर एक्शन हुआ, तो ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म ही रास्ता हो सकता है, जिसके ज़रिये पार्टियां चुनाव प्रचार करेंगी.
बीजेपी के आईटी हेड शेखर वर्मा का कहना है कि पार्टी के पास कोविड19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान का अनुभव है. लॉकडाउन में भी पार्टी ने सभी 70 विधानसभाओं में डिजिटल रैली का कार्यक्रम किया था. ‘यदि ऐसी स्थितियां फिर बनती हैं, तो हम पूरी तरह से तैयार हैं.’ वर्मा ने बताया कि बीजेपी ने अपना डिजिटल वॉर रूम अलग से बनाया है और बीजेपी की चुनावी रैलियों, सभाओं को लाइव करवा रही एक प्रोफेशनल एजेंसी को भी हायर किया गया है. दूसरी तरफ, कांग्रेस की डिजिटल तैयारियां बीजेपी के मुकाबले कैसी हैं?
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इस बारे में इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि यदि इस तरह की पाबंदियां चुनाव आयोग लगाता है, तो पार्टी उन्हें फॉलो करेगी. रावत ने अंदेशा जताते हुए यह भी कहा कि बीजेपी के लिए कुछ और कांग्रेस के लिए कुछ और नियम नहीं होने चाहिए. इधर, आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने कहा कि पार्टी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विरोधियों को टक्कर देने के लिए तैयार है. पार्टी के पास अपनी पूरी ट्रेंड टीम मौजूद है.
बीजेपी, कांग्रेस और आप के सोशल मीडिया पर एक नज़र– उत्तराखंड कांग्रेस के फेसबुक पर जहां करीब 98 हज़ार फॉलोअर हैं, वहीं बीजेपी के दो लाख 61 हजार के करीब.– कांग्रेस के ऑफिशियल टिवटर हैंडल को 66,800 यूज़र फॉलो करते हैं, तो बीजेपी के हैंडल को एक लाख 17 हज़ार. आम आदमी पार्टी को ट्विटर पर करीब 30,000 यूज़र फॉलो करते हैं.– इंस्टाग्राम पर बीजेपी के जहां 14,000 से अधिक फॉलोअर हैं, वहीं कांग्रेस के करीब 9,000.– कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के ट्विटर हैंडल को 3.82 लाख से ज़्यादा यूज़र फॉलो करते हैं और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को करीब 1.19 लाख, जबकि अरविंद केजरीवाल को 2.37 करोड़.
इन आंकड़ों से साफ है कि सोशल प्लेटफॉर्म पर बीजेपी की मौजूदगी और लोकप्रियता कांग्रेस के मुकाबले 20 दिखती है, लेकिन नेताओं की लोकप्रियता के मामले में हरीश रावत बाज़ी मार लेते हैं. यह भी गौरतलब है कि भाजपा की मौजूदा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्रियों त्रिवेंद्र सिंह रावत के ट्विटर पर 2.95 लाख से ज़्यादा फॉलोअर हैं जबकि पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के फॉलोअर 1 लाख से कुछ ज़्यादा हैं. आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया के ट्विटर फॉलोअरों की संख्या 30 लाख है जबकि कर्नल अजय कोठियाल को करीब 24 हज़ार यूज़र फॉलो करते हैं.

