आज बंद कमरे में इमरान खानकर (Imran Khan)सकते हैं कई खुलासे
नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) सोमवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे. इससे पहले इमरान खान को तब बड़ा झटका लगा था, जब कोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करना पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया और इस पर वोटिंग कराने के आदेश दे दिए. पीएम इमरान खान कभी नहीं चाहते थे कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े क्योंकि उनके पास बहुत नहीं है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान की सत्ता पर काबिज पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की सरकार के खिलाफ 3 अप्रैल को विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था लेकिन नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. इस बीच पाकिस्तान सरकार के एक शीर्ष सहयोगी ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने 9 अप्रैल को अविश्वास मत का सामना करने के लिए लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योजना बनाई है.
पाकिस्तान में अभी तक जो भी राजनीतिक घटना क्रम हुआ है उसमें पीएम इमरान खान ने कानूनी तौर पर लड़ाई लड़ी और उन्हें जनता का भी भरपूर समर्थन मिला. अब आज संसद सत्र बंद कमरे में होगा और पीएम को लगता है कि यह सही मौका और उपयुक्त जगह होगी सरकार गिराने के खिलाफ रणनीति को लेकर सब कुछ उजागर करने का.
सूत्रों के मुताबिक इमरान खान इस बंद कमरे में सरकार गिराने के पीछे विदेशी पत्र के बारे में सब कुछ विस्तार से बता सकते हैं. ऐसा इसलिए भी कहा जा है कि इमरान खान पहले ही कह चुके हैं वह किसी भी सूरत में इस्तीफा नहीं देंगे और इस लड़ाई को लड़ेगे चाहे परिणाम कुछ भी हो.
पाकिस्तान सरकार ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे विदेशी साजिश की जांच के लिए सेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के नेतृत्व एक जांच आयोग का गठन किया गया है.
सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री खान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आयोग गठित करने का फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार धमकी भरे पत्र में मौजूद विषय वस्तु को शनिवार को नेशनल असेंबली में रखेगी. पत्र में, प्रधानमंत्री खान को सत्ता से बेदखल करने की विदेशी साजिश के कथित तौर पर ‘‘सबूत’’ हैं.
उन्होंने बताया कि धमकी भरे पत्र से जुड़े मुद्दे की जांच के लिए आयोग का गठन किया गया है और इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) तारिक खान करेंगे. उन्होंने बताया, ‘‘आयोग यह जांच करेगा कि साजिश कहां रची गई थी और सरकार गिराने को लेकर किन स्थानीय आकाओं की संलिप्तता थी.’’
उन्होंने बताया, ‘‘हमारे पास इस बारे में सबूत हैं कि विदेशियों के संपर्क में आठ असंतुष्ट प्रांतीय विधि निर्माता थे. आयोग स्थानीय संचालकों और सत्ता परिवर्तन के बीच संबंध का पता लगाएगा.’’
आपको बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली का वर्तमान कार्यकाल अगस्त 2023 में समाप्त होना था। खान 2018 में ‘नया पाकिस्तान’ बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए, लेकिन वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने की बुनियादी समस्या को दूर करने में विफल रहे. आज तक पाकिस्तान में किसी भी प्रधानमंत्री ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया और इमरान खान ऐसे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हो सकते हैं जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के आधार पर हटाया जा रहा है.





