Kanpur-Agra : एक साथ जलीं चार चिताएं, देख कर छलके आंसू…. जाने पूरी खबर………..

उन्नाव। Kanpur-Agra : एक साथ जलीं चार चिताएं, देख कर छलके आंसू…. जाने पूरी खबर……….. आगरा-कानपुर राजमार्ग पर इटावा फ्रेंड्स कालोनी क्षेत्र में हुए हादसे के मृत चारों के शवों का अंतिम संस्कार बुधवार को गढ़ेवा घाट पर कर दिया गया। इससे पहले बदियाखेड़ा में दंपती और उनके पुत्र और मलुहाखेड़ा में युवक का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। चार लोगों की मौत का मंजर देख पूरा गांव रो पड़ा। बीते सोमवार को कानपुर-आगरा राज मार्ग पर इटावा के फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र में लोडर डंपर के बीच हुई टक्कर में राम सजीवन, उसके पुत्र सोनू, पत्नी धनपता और दामाद जय कुमार की मौत हो गई थी।
Kanpur-Agra : जबकि, चार लोग लोग गंभीर रूप से घायल हैं
जबकि, चार लोग लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बारा सगवर थाना क्षेत्र के ग्राम बदियाखेड़ा के मूल निवासी राम सजीवन और मलुहाखेड़ा गांव निवासी उनका दामाद जय कुमार का परिवार दिल्ली में रहता है। रामसजीवन के बिटिया दामाद का एकलौता छह माह के पुत्र आदर्श का मुंडन 16 अप्रैल को होना था। इसी के लिए दोनों परिवार लोडर से अपने गांव आ रहे थे। तभी घटना का शिकार हो गए।
विकास भवन सभागार में नमामि गंगे परियोजना में किए गए काम ….
जिसमें उक्त चार लोगों की मौत हो गई और जय कुमार की पुत्री निधी, ज्योति, आरुषी व राम सजीवन के छोटी बेटी रोशनी गंभीर रूप घायल हो गई थी। मंगलवार देर शाम चारो मृतकों के शव लेकर स्वजन गांव पहुंचे। इसमें राम सजीवन उसके पुत्र सोनू व पत्नी धनपता का शव उनके पैतृक गांव बदियाखेड़ा व जय कुमार का शव उसके पैतृक गांव मलुहा खेड़ा ले जाया गया। गांवों में शव पहुंचते ही स्वजन व ग्राम वासियों में अंतिम दर्शन के लिए होड़ लग गई।
चारों का अंतिम संस्कार बुधवार को गढ़ेवा गंगा तट पर एक साथ किया गया।
ग्राम मलुहाखेड़ा में छह माह के बच्चे को छाती से लगाए मृतक जयकुमार की पत्नी तारा तड़प रही थी, वह हर आने वाले से यही कहती अब मैं किसके सहारे जियूंगी। यह तो चले गये। मां, बाप, भाई भी चला गया। यह जानती मैं मुंडन का कार्यक्रम न बनाती। उधर बदिया खेड़ा में मृतक राम सजीवन की पुत्री मीरा व रोशनी भी पिता, मां, भाई के गम में पागल सी हो गयी हैं। गढ़ेवा घाट पर दोनों गांवों से शव यात्राये साथ पहुंची। राम सजीवन, उसके इकलौते पुत्र सोनू, पत्नी धनपता और दमाद की चिताएं एक साथ लगी। गंगा तट पर जिसने भी इस दृश्य को देखा उसकी आंखें नम हो गई।