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अमेठी में कांग्रेस की पदयात्रा

अमेठी, संवाददाता। राहुल गांधी ने कहा कि आज के हालात से आप वाकिफ हैं। बेरोजगारी और महंगाई सबसे बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब न तो सीएम देंगे और न ही पीएम। कुछ दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी गंगा में डुबकी लगा रहे थे, लेकिन बेरोजगारी की बात नहीं करेंगे। मैं आपको बताता हूं कि युवा रोजगार से क्यों वंचित हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज अमेठी के दौरे पर हैं। वह प्रतीज्ञा पदयात्रा को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, अमेठी की हर गली आज भी वैसी ही है। सिर्फ जनता की आंखों में अब सरकार के लिए आक्रोश है। लोगों के दिलों में आज भी पहले सी जगह है। आज भी अन्याय के खिलाफ एक हैं। प्रतीज्ञा यात्रा में काफी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। इसके साथ ही राहुल गांधी ने नोटबंदी, जीएसटी, कोरोना संक्रमण सहित तीनों कृषि कानूनों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। इस पदयात्रा के दौरान उनके साथ प्रियंका गांधी भी रहीं।

इतना ही नहीं मीडिया पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका भाषण टीवी पर सिर्फ दो मिनट चलेगा, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने अगर ऐसा भाषण दिया होतो तो वह घंटों चलता।

राहुल गांधी यही नहीं रुके उन्होंने कई विषय को लेकर नरेंद्र मोदी को टारगेट किया। तीनों कृषि आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को मुअवाजे ना मिलने को लेकर भी कांग्रेस नेता ने प्रश्न उठाया। एक बार फिर से कांग्रेस नेता ने हिंदू और हिंदुत्ववादी की पारिभाषा बताई। राहुल ने कहा कि हिंदू कभी नहीं डरता है। हिंदू हमेशा डर का सामना करता है। वहीं हिंदुत्ववादी सिर्फ झूठ की राजनीति करता है।

राहुल ने कहा कि पीएम द्वारा लिए गए कुछ फैसलों से मध्यम वर्ग के लोग और गरीब बुरी तरह प्रभावित हुए, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर बेरोजगारी भी हुई। नोटबंदी, कोविड संकट के दौरान लोगों को कोई मदद नहीं मिली है।

उत्तर प्रदेश के सियासी रण में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी पहले ही काफी सक्रिय है। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश में कांग्रेस का जन जगारण अभियान चल रहा है। गांधी पारिवार के गढ़ अमेठी राहुल गांधी मोर्चा संभाला लिया है। बता दें कि पिछले लोकसभा के चुनाव में राहुल गांधी को कांग्रेस की परंपरागत सीट अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा था।

पांच जनवरी के बाद कभी भी उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा हो सकती है। चुनाव आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। अगले हफ्ते से चुनाव आयोग का इन राज्यों में दौरा शुरू हो जाएगा। घोषणा से पहले आयोग सुरक्षा व्यवस्था सहित जरूरी तैयारियों की समीक्षा करेगा। वर्ष 2017 में भी इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा छह जनवरी को हुई थी। इस बार 11 या 12 जनवरी को घोषणा होने की अटकल है। मार्च-अप्रैल में सीबीएसई सहित राज्यों के शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की प्रस्तावित परीक्षाओं को देखते हुए आयोग इन चुनावों को मार्च के पहले हफ्ते में ही संपन्न कराने की तैयारी में है।

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