जेलेंस्की को यूरोप (यूरोप ) से मदद की आस

रूस-यूक्रेन युद्ध : रूस-यूक्रेन युद्ध के 110वें दिन रूस ने कई इलाकों में तेज बमबारी की है. सोमवार को पश्चिमी मीडिया ने एक अहम खबर दी. कीव शहर के बाहरी हिस्से में मौजूद जंगल में कुछ सामूहिक कब्रें मिली है. फिलहाल, एक ही कब्र से 7 शव निकाले जा चुके हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सभी लाशें कीव के लोगों की हैं. इन लोगों को रूसी सैनिकों ने टॉर्चर करने के बाद मार डाला. खास बात यह है कि कीव का यह बाहरी हिस्सा एक फेमस पिकनिक और टूरिस्ट स्पॉट था. यहां आमतौर पर कीव के नागरिक छुट्टियों का लुत्फ उठाने आते थे. इस जंगल के करीब ही एक छोटी नदी भी है.
वहीं, रूस के कब्जे वाले दक्षिणी यूक्रेन में तैनात अफसरों ने ‘रूस दिवस’ मनाया. रूसी अफसरों ने मेलितोपोल शहर में उन निवासियों को रूसी पासपोर्ट भी जारी करना शुरू कर दिया, जिन्होंने उसके लिए अनुरोध किया था. उधर, सेवेरोदोनेस्क शहर में जंग और तेज हो गई है. यहां रॉकेटों से रूसी सेना ने हमले भी किए.
खेरसान शहर के एक बड़े चौक पर रूसी बैंड ने रूस दिवस मनाने के लिए प्रस्तुति दी. जपोरिझिया में तैनात रूसी अफसरों ने मेलितोपोल शहर पर रूसी झंडा फहराया व रूसी नागरिकता की अर्जी लगाने वालों को पासपोर्ट भी जारी किए.
अब यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रूसी सेना तेजी से आगे बढ़ रही है और इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की साफ तौर पर खौफ में नजर आ रहे हैं. सेवेरोडोनेट्स्क पर कब्जे की जंग में भी व्लादिमिर पुतिन की फौज ही आगे नजर आ रही है.
यूक्रेन की फौज के पास हथियार और दूसरे सामान की कमी होती जा रही है. जेलेंस्की ने मदद के लिए यूरोपीय देशों से गुहार लगाई है.
रूसी फौज के बढ़ने की वजह से यूरोपीय देशों पर भी दबाव है कि वो अब कोई बड़ा फैसला करें ताकि पुतिन को रोका जा सके. हालांकि, कुछ यूरोपीय नेताओं का मानना है कि अब भी बातचीत के जरिए कोई नतीजा निकाला जा सकता है.
सेवेरोडोनेट्स्क के साथ ही पुतिन की फौज लिसिचांस्क की तरफ भी तेजी से बढ़ रही है. यह पूर्वी यूक्रेन का अहम और संवेदनशील हिस्सा है.
इस महीने के आखिर में यूरोपीय देशों के नेता जी-7 के तहत मिलने वाले हैं. उम्मीद है कि इसमें यूक्रेन की मदद को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है.
फिनलैंड से जारी एक स्पेशल रिपोर्ट में बताया गया है कि जंग के शुरुआती 100 दिनों में भले ही यूरोप (यूरोप ) और अमेरिका समेत कई देशों ने रूस से ऑयल इम्पोर्ट पर रोक लगा दी हो, लेकिन इसके बावजूद रूस का ऑयल एक्सपोर्ट कम नहीं हुआ.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के शुरुआती सौ दिन में रूस ने रिकॉर्ड 93 अरब डॉलर का ऑयल एक्सपोर्ट किया. इसके अलावा नैचुरल गैस एक्सपोर्ट से भी पुतिन सरकार ने मोटी कमाई की.
रूसी सेना ने यूक्रेन में लुहांस्क स्थित अजोत रासायनिक संयंत्र पर बमबारी की है। सेवेरोदोनेस्क स्थित इस प्लांट में यूक्रेनी सैन्य टुकड़ियां भी मौजूद हैं..रूसी सेना ने इसे घेर रखा है और कहा है वह इसे नहीं उड़ाएगी.
यूक्रेनी टुकड़ियों से यहां आत्मसमर्पण की बात चल रही है. बमबारी से यहां लगी आग के बीच बंकरों में 800 लोग भी पनाह लिए हुए हैं.