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माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय

प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से आकांक्षात्मक जनपदों को विकसित जनपद की श्रेणी में लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही : मुख्यमंत्री

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद बलरामपुर में माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय का भूमिपूजन कर उसकी आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने जनपद बलरामपुर की 1488.89 करोड़ रुपये लागत की 466 विकास परियोजनाओं तथा जनपद श्रावस्ती की 260.37 करोड़ रुपये की 31 विकास परियोजनाआें का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय के मॉडल का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से आकांक्षात्मक जनपदों को विकसित जनपद की श्रेणी में लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। जनपद बलरामपुर एवं श्रावस्ती का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। आदि शक्ति माँ पाटेश्वरी देवी की कृपा इस पूरे क्षेत्र पर बरसती है। प्रति वर्ष भारत और नेपाल के लाखों श्रद्धालु माँ पाटेश्वरी देवी के दर्शन हेतु देवीपाटन आते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद श्रावस्ती का इतिहास मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पुत्र कुश तथा लव से जुड़ा है, जिन्होंने जनपद श्रावस्ती को अपनी राजधानी बनाकर इसे एक पहचान दी थी। श्रावस्ती महात्मा बुद्ध तथा जैन तीर्थांकरों से जुड़ी है। भगवान बुद्ध ने अपने सर्वाधिक चातुर्मास श्रावस्ती में व्यतीत किए थे। श्रावस्ती के राजा के रूप में महाराज सुहेलदेव ने देश की स्वाधीनता एवं स्वाभिमान को बनाए रखने के लिए विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ाने का कार्य किया था।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में वर्ष 1949 में अयोध्या में श्रीरामलला से सम्बन्धित आंदोलन की शुरुआत आदिशक्ति मां भगवती पाटेश्वरी पीठ एवं महाराजा बलरामपुर की भूमिका में हुई थी। आज हम प्रधानमंत्री जी के विजन एवं नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के विराजमान होने के गौरवशाली क्षण के साक्षी बने हैं। जनपद अयोध्या में 22 जनवरी से 10 मार्च, 2024 तक लगभग 01 करोड़ श्रद्धालु ने भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस नव्य और भव्य अयोध्या को जनपद बलरामपुर और श्रावस्ती से भी जोड़ा जाएगा। जनपद बलरामपुर और श्रावस्ती आकांक्षात्मक जनपद से उबरकर विकास की नई बुलन्दियों को छूकर आगे बढ़ेंगे।

जनपद सिद्धार्थनगर आकांक्षात्मक जनपद से उबरकर विकसित जनपद बन रहा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस धरती का महत्व यह है कि यहां पर लिया गया कोई भी संकल्प व्यर्थ नहीं जाता, वह पूरा होकर रहता है। राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख ने इसी धरती को अपनी साधना से पहचान दिलाई थी। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनपद बलरामपुर से की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश को योग्य शासन दिया। यह प्रारम्भ से पुरुषार्थ, प्रकृति और परमात्मा की कृपा की धरती रही है। माफिया एवं अपराधी प्रवृत्ति के तत्वों ने यहां के सौन्दर्य एवं प्रतिभा को कुंद करने का कार्य किया था। आज हम इसी संकल्प से आए हैं कि राजनीति का अपराधीकरण नहीं होने दिया जाएगा। नौजवानों के भविष्य के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। जो भी नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में विकसित भारत का लक्ष्य दिया था। विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। उत्तर प्रदेश को विकसित बनाना है, तो जनपद बलरामपुर तथा श्रावस्ती को भी विकसित बनाना होगा। विकसित उत्तर प्रदेश के लिए बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, नौजवानों के लिए रोजगार, उद्योग-धंधे, खुशहाल किसान, महिलाओं तथा व्यापारियों की सुरक्षा आवश्यक है। इन्हीं संकल्पों के साथ डबल इंजन सरकार आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जनपद बलरामपुर में 350 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल का उद्घाटन किया गया है। इस मण्डल के चार जनपदों में से दो जनपदों में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। मण्डल के तीसरे जनपद बलरामपुर में के0जी0एम0यू0 लखनऊ के सैटेलाइट सेन्टर चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय परिसर के अन्तर्गत चिकित्सालय का आज उद्घाटन हो रहा है। अगले वर्ष श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर मेडिकल कॉलेज बन जाएगा। श्रावस्ती में वायु सेवा प्रारम्भ हो चुकी है। चार दशक से लंबित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का गत वर्ष प्रधानमंत्री जी द्वारा लोकार्पण सम्पन्न किया जा चुका है। यहां पर फुलवरिया बाईपास एवं बलरामपुर के रिंग रोड को स्वीकृति दी गई है। लोगों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के कार्य हो रहे हैं। आज से 07 वर्ष पूर्व जब वह यहां आते थे तो गोंडा से देवीपाटन मंदिर पहुंचने में चार घंटे लगते थे। अब 45 मिनट में देवीपाटन मंदिर पहुंच सकते हैं। जब सरकार की नीयत साफ होती है, तो विकास की स्पीड अपने आप बढ़ने लगती है।

जीवन के निर्माण व सफलता में अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों को प्राप्त हो रहा है। वर्ष 2017 से पूर्व जनपद बलरामपुर तथा श्रावस्ती में बाढ़ का पानी भर जाता था। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ बचाव के लिए समय से किये गये कार्यां से यहां बाढ़ का पानी नहीं आ पाता। बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया। नदी की ड्रेजिंग की गयी। लोगों के बचाव के उपाय किए गए। कभी इस मण्डल की सड़क सबसे खराब हुआ करती थी। आज इस मण्डल में सड़क, एयरपोर्ट तथा स्वास्थ्य की बेहतरीन सुविधाएं हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज बलरामपुर में एक विश्वविद्यालय का शिलान्यास हुआ है। विश्वविद्यालय की स्थापना से आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का निर्माण होगा। विश्वविद्यालय में परम्परागत पाठ्यक्रम एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम का संचालन किया जाएगा। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय में अभ्युदय योजना के अन्तर्गत निःशुल्क कोचिंग का प्रबन्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश को प्रधानमंत्री जी का नेतृत्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने देश की तकदीर को बदल कर रख दिया है। आज हम एक नए भारत का दर्शन कर पा रहे हैं। अब विकास दिल्ली के लिए ही नहीं, गांव के लिए भी होगा। जब हमारे गांव, नगर निकाय, नगर पंचायत तथा नगर पालिका आत्मनिर्भर होंगे, तो यह देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान देंगे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नितिन अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।