लोकसभा से पास हुआ वक्फ संशोधन बिल वक्फ संशोधन()

दिल्ली : लोकसभा में वक्फ संशोधन वक्फ संशोधन() अधिनियम को पास कर दिया गया है। बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया था। इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पूरे दिन बहस चली। बिल पर बहस को लेकर लोकसभा की कार्यवाही को भी आगे बढ़ाया गया। आखिकार देर रात वक्फ संशोधन अधिनियम पर वोटिंग हुई और बिल पास हो गया।
पक्ष और विपक्ष में कितने वोट?
लोकसभा में वक्फ संशोधन अधिनियम को पास कराने के लिए हुई फाइनल वोटिंग में बिल के पक्ष में कुल 288 वोट पड़े हैं। वहीं, बिल के विपक्ष में 232 वोट पड़े। इसके साथ ही विपक्ष के सभी संशोधन खारिज कर दिए गए हैं। अब ये बिल राज्यसभा में जाएगा जहां इस पर चर्चा होगी और फिर इसे पास कराने के लिए वोटिंग होगी।
ओवैसी ने फाड़ी बिल की कॉपी
वक्फ संशोधन विधेयक मामले पर लोकसभा में AIMIM पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- “इस बिल में वक्फ अल औलाद का नियम आर्टिकल 25 का वाइलेशन है। यह कानून देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद पैदा करने के लिए लाया गया है। यह दोनों धर्मों के लोगों के बीच विवाद बढ़ाने के लिए लाया गया है। इस बिल का मकसद सिर्फ मुसलमानों को जलील और रुसवा करना है और उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना है। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रिका के कानून को फाड़ दिया था तो मैं भी इसे फाड़ देता हूं।” इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी ने संविधान संशोधन विधेयक की प्रति को फाड़ दी।
ओवैसी ने बिल फाड़कर असंवैधानिक काम किया- जगदम्बिका पाल
वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में चल रही बहस के दौरान कहा- “असदुद्दीन ओवैसी इस विधेयक को असंवैधानिक कहते हैं, लेकिन उन्होंने विधेयक को फाड़कर असंवैधानिक काम किया है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि विधेयक क्यों फाड़ दिया?।”