
उत्तराखंड:उत्तराखंड में यूपी आवास विकास की दो हजार करोड़ से ऊपर की परिसंपत्तियों का मामला अधर में लटक गया है। उत्तराखंड ने इन परिसंपत्तियों के विक्रय के लिए जो विनियम बनाए थे, उन पर यूपी कोई जवाब देने को ही तैयार नहीं है। इस वजह से 17 साल से लोग इन संपत्तियों के लिए भटक रहे हैं।यूपी से उत्तराखंड अलग होने के बाद यूपी आवास विकास की जमीनों का मामला बड़ा मुद्दा रहा है। 2006 में उत्तराखंड सरकार ने यूपी आवास विकास की संपत्तियों की खरीद.फरोख्त पर रोक लगा दी थी। इस पर यूपी सरकार का कहना था कि यह संपत्ति उनकी है, इसलिए इस पर रोक स्वीकार नहीं की जाएगी।