
New Delhi:गैंगस्टर जितेंद्र गोगी के साथ दुश्मनी की शुरूआत होने के बाद से ही गोगी गैंग के बदमाश टिल्लू ताजपुरिया की हत्या करना चाहते थे। कई बार उनलोगों ने हत्या की साजिश रची, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। तिहाड़ जेल में टिल्लू के आते ही महज सात घंटे की तैयारी के बाद घटना को अंजाम दे दिया। स्पेशल सेल के गिरफ्त में आए टिल्लू के चारों हत्यारों ने पुलिस को बताया है कि उनलोगों ने हत्या की कैसे तैयारी की और उसे अंजाम तक कैसे पहुंचाया।चारों हत्यारों योगेश टूंडा, दीपक तीतर, रियाज खान और राजेश बवानिया ने खुलासा किया कि 22 अप्रैल को टिल्लू को तिहाड़ जेल संख्या 8 में लाया गया। उनका सेल टिल्लू के सेल के ऊपर था। टिल्लू के जेल में आते ही सभी हत्यारे उसकी रेकी करने लगे। हत्यारों ने सबसे पहले इस बात पता लगाया कि वह कब अपने सेल से बाहर आता है और वह कैसे उसके पास पहुंच सकते हैं। पता चला कि सुबह जब सेल को खोला जाता है तभी उसपर हमला किया जा सकता है। इसके लिए उनको अपने सेल से निकलने का तरीका ढूंढना था।
मोबाईल चोर गैंग का पर्दाफाश,चोरी कर फोने भेजे जाते थे नेपाल
रियाज जेल के बाहर वेल्डिंग का काम करता था और वह पहले भी तिहाड़ में सलाखें तोड़ चुका था। इसलिए इस काम में रियाज को लगाया गया। रियाज ने बताया कि सलाखों को तोड़ने के लिए सबसे पहले उनलोगों ने सेल में जंग लगे रॉड को चुना। इस बीच दीपक तीतर और योगेश टूंडा चाकू को तैयार करने में जुट गए। इसके लिए उनलोगों ने बैरक में लगे एग्जॉस्ट फैन को खोला। फिर उसके चार क्लिप निकाले। उसको नुकीला और धारदार हथियार बनाने के लिए उनलोगों ने वॉशरूम से एक टाइल्स की खुरदरी साइड पर घिसना शुरू किया।