मिलने जा रहा देश को एक और हाईटेक एक्सप्रेस-वे(expressway)

बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे: कल 12 मार्च को PM नरेंद्र मोदी बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे (expressway) को देश को समर्पित करेंगे. 118 किमी लंबी इस बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे परियोजना को लगभग 8480 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनाया गया है. यह एक्सप्रेसवे बेंगलुरु और मैसूर के बीच यात्रा के समय को लगभग 3 घंटे से घटाकर केवल 75 मिनट कर देगा. बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे परियोजना में NH-275 के बेंगलुरु- निदाघट्टा-मैसूर खंड को छह लेन का बनाया गया है.
118 किलोमीटर लंबी परियोजना को लगभग 8,480 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित किया गया है. बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे एक्सप्रेसवे के बनने से बेंगलुरु और मैसूर के बीच यात्रा का समय लगभग 3 घंटे से घटकर केवल 75 मिनट रह जाएगा. यह इलाके में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक औजार के रूप में कार्य करेगा.
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे के अधिकांश हिस्से वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिए गए हैं. फरवरी में 7 किलोमीटर लंबे श्रीरंगपटना बाईपास के खुलने के बाद ये परियोजना पूरी हो गई. श्रीरंगपटना बाईपास 28 जनवरी को यात्रियों के लिए खोला गया था. जबकि एक अन्य महत्वपूर्ण लिंक मांड्या बाईपास को उससे तीन दिन पहले खोला गया था.
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे में 8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर, नौ बड़े पुल, 42 छोटे पुल, 64 अंडरपास, 11 ओवरपास, चार रोड-ओवर-ब्रिज (आरओबी) और पांच बाईपास शामिल हैं. इस एक्सप्रेसवे में बिदादी (7 किमी.), रामनगर और चन्नापटना (22 किमी.), मद्दुर (7 किमी.), मांड्या (10 किमी.) और श्रीरंगपटना (7 किमी.) जैसे छह बाईपास शामिल हैं.
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एनआईसीई रोड के पास से शुरू होता है और मैसूर में बाहरी रिंग रोड जंक्शन के पास खत्म होता है.
कर्नाटक दौरे के दौरान पीएम मोदी मैसूर-खुशालनगर फोर लेन हाईवे का शिलान्यास भी करेंगे. 92 किलोमीटर में फैली इस परियोजना को लगभग 4,130 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. यह परियोजना बेंगलुरु के साथ खुशालनगर की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इससे यात्रा के समय को लगभग 5 से घटाकर केवल 2.5 घंटे करने में मदद करेगी.