तीस्ता सीतलवाड़ ने बड़े नेताओं के साथ मिलकर रची थी साजिश(hatched a conspiracy )

नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ मामले में सोमवार को सुनवाई हुई है. इस दौरान गुजरात सरकार ने जवाब दाखिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ एफआईआर ना केवल सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आधारित है. बल्कि सबूतों द्वारा समर्थित है. तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर गुजरात सरकार ने कहा कि अब तक की गई जांच में एफआईआर को सही ठहराने के लिए उस सामग्री को रिकॉर्ड में लाया गया है, जो यह साफ करती है कि आवेदक ने राजनीतिक, वित्तीय और अन्य भौतिक लाभ हासिल करने के लिए अन्य आरोपित व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश(hatched a conspiracy ) को अंजाम दिया है.
तीस्ता शीतलवाड मामले में गुजरात सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफ़नामा दाखिल किया. गुजरात सरकार ने बताया कि तीस्ता के खिलाफ काफी सबूत हैं. उन्होंने बाकी आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की और उसे अंजाम दिया. एक राजनीतिक दल के बड़े नेता के साथ मिलकर तीस्ता और बाकी आरोपियों ने साजिश रची. उस राजनीतिक नेता के साथ उनकी कई बैठक हुई थी और बड़ी मात्रा में उनसे पैसा भी मिला था. तीस्ता ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की हुई है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से जवाब मांगा था.
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह 2002 के गुजरात दंगों के मामलों में ‘बेगुनाहों’ को फंसाने के लिए कथित रूप से साक्ष्य गढ़ने के मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत अर्जी पर 30 अगस्त को सुनवाई करेगा. सीतलवाड और पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर बी श्रीकुमार को जून में गिरफ्तार किया गया था, उन पर गोधरा दंगा मामलों में ‘‘निर्दोष व्यक्तियों’’ को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने का आरोप है. वे साबरमती केंद्रीय जेल में बंद हैं. श्रीकुमार ने भी जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.