हाजी अब्दुल मजीद मेंगल के कुल 54 बच्चों में से 12 की मौत कुपोषण (12 died of malnutrition)हुई

बलूचिस्तान :पाकिस्तान में 54 बच्चों के पिता अब्दुल मजीद मेंगल का निधन हो गया है. सबसे बड़े परिवार के मुखिया ने पिछले दिनों बलूचिस्तान के नोशकी में अंतिम सांस ली. नोशकी पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी शहर क्वेटा से 130 किमी पश्चिम में स्थित है. कहा जा रहा है कि 75 साल के मेंगल की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. मेंगल ने छह महिलाओं ने निकाह किया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है और चार जीवित हैं. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक मेंगल को इलाज के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल नोश्की में ट्रांसफर कर दिया गया था. हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई.
हाजी अब्दुल मजीद मेंगल के कुल 54 बच्चों में से 12 की मौत कुपोषण (12 died of malnutrition) के कारण हुई थी. फिलहाल उनके 42 बच्चे जीवित हैं. अब्दुल मजीद के बच्चों में 22 लड़के और 20 लड़कियां हैं. सबसे बड़ा परिवार और उसके मुखिया अब्दुल मजीद मेंगल तब सुर्खियों में आए जब 2017 में राष्ट्रीय जनगणना की शुरुआत हुई. मेंगल के परिवार के सदस्यों की संख्या देखकर जनगणना अधिकारी हैरान रह गए थे. उन्होंने कहा था कि वो 100 बच्चों के बाप बनना चाहते हैं. इससे पहले जान मुहम्मद क्वेटा में 36 बच्चों के पिता थे.
18 साल की उम्र में पहली शादी
अब्दुल मजीद मेंगल पेशे से ट्रक ड्राइवर थे. उन्होंने अपनी पहली पत्नी से तब शादी की जब वो सिर्फ 18 साल के थे और बाद में उन्होंने पांच अन्य महिलाओं से शादी की. पाकिस्तान के एआरवाई चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने एक बार कहा था कि, ‘मैंने कड़ी मेहनत की और अपने बड़े बेटों को अच्छी शिक्षा दी. लेकिन अब मैं बूढ़ा हो गया हूं, ये चीजें मेरे हाथ से बाहर हैं.’
पैसों की तंगी
उनका कहना था कि उन्होंने अपने सारे जीवन में एक ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम किया है. पैसों की उन्हें हमेशा तंगी रही. उन्होंने कहा था कि उनके बच्चों को पर्याप्त दूध नहीं मिल रहा था और उनके पास पैसे नहीं थे इसलिए वे मर गए. एक पत्नी बच्चे के साथ मर गई. वह बीमार थी. अब्दुल ने कहा कि वो बेबस और लाचार थे.