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ग्रामीण खरीदारों ( rural buyers)पर महंगाई की मार

नई दिल्ली. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार को कहा कि अक्टूबर से दिसंबर के महीनों में भारत की सोने की खपत में एक सालपहले की तुलना में लगभग एक चौथाई की गिरावट आ सकती है, क्योंकि मुद्रास्फीति ग्रामीण मांग ( rural buyers) को कम करती है. दुनिया के दूसरे सबसे बड़े सोने के उपभोक्ता में कम खरीदारी से कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, जो दो साल से अधिक समय में अपने सबसे निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं.

दो साल से अधिक समय में अपने सबसे निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं. सोने के आयात की गिरती मांग भी भारत के व्यापार घाटे को कम करने और रुपये को समर्थन देने में मदद कर सकती है. WGC के भारतीय परिचालन के क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोमसुंदरम पीआर ने रायटर को बताया कि उच्च मुद्रास्फीति से ग्रामीण मांग पर अंकुश लगने की संभावना है.

सितंबर में भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर 7% से ऊपर रही. भारत की सोने की दो-तिहाई मांग आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आती है, जहां जेवर धन का एक पारंपरिक भंडार है. सोमसुंदरम ने कहा कि दिसंबर तिमाही में भारत की सोने की मांग एक साल पहले के 343.9 टन से गिरकर करीब 250 टन रह सकती है. उन्होंने कहा कि गिरावट 2022 में भारत की कुल सोने की खपत को लगभग 750 टन तक ला सकती है, जो पिछले साल के 797.3 टन से 6% कम है.

डब्ल्यूजीसी ने मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि त्योहारों के चलते आभूषणों की बिक्री बढ़ने से भारत में सोने की मांग एक साल पहले के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 191.7 टन हो गई. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कमी के कारण पिछले दो वर्षों में सोने की तस्करी में भी गिरावट आई है, जुलाई में नई दिल्ली द्वारा कीमती धातु पर आयात शुल्क बढ़ाने के बाद से इसमें तेजी आई है.

भारतीय बाजार में आज मंगलवार, 1 नवंबर को सोने का भाव कमजोरी के साथ खुला है, वहीं चांदी में अच्‍छी तेजी आई है. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में भी यही ट्रेंड है. सोने का भाव वहां भी लुढ़का है और चांदी का रेट तेज है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज पर सोने का भाव मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 0.02 फीसदी टूटा है. वहीं, चांदी का रेट आज एमसीएक्‍स पर 0.76 फीसदी चढ़कर ट्रेड कर रहा है. तैयार किए जा सकते हैं.

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