भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुआ ऐतिहासिक ‘चारमीनार'(भारी बारिश )

हैदराबाद :तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित ऐतिहासिक चारमीनार की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। ये घटना क्षेत्र में जारी भारी बारिश (भारी बारिश ) के कारण हुई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को भारी बारिश के बाद चारमीनार की दीवार से प्लास्टर की परत गिर गई। इस घटना में किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भी इस घटना के बारे में जानकारी दी है।
इंजीनियरों की टीम शुक्रवार को निकालेगी समाधान
ASI के सूत्रों ने जानकारी दी है कि चारमीनार की दीवार से प्लास्टर की परत गिरने की घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया है कि चारमीनार की दीवार से प्लास्टर की परत भारी बारिश के कारण गिरी है। सूत्रों के मुताबिक, चारमीनार के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया गया है। शुक्रवार को इंजीनियरों और विशेषज्ञों की टीम समाधान के लिए कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेगी।
पुलिस ने क्या बताया?
इस पूरी घटना को लेकर चारमीनार पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने बताया- “भारी बारिश के कारण हैदराबाद की प्रतिष्ठित चारमीनार की मीनार का एक छोटा सा टुकड़ा गिर गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। यह घटना आज यानी गुरुवार को हुई।” अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को भारी बारिश के कारण हैदराबाद के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई।
क्या है चारमीनार का इतिहास?
चारमीनार भारत के तेलंगाना राज्य के हैदराबाद में एक ऐतिहासिक स्मारक है। इसे सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने साल 1591 में बनवाया था। इसे हैदराबाद का प्रतीक माना जाता है। तेलंगाना सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ऐसा माना जाता है कि चार खंभों और नक्काशी वाली इस संरचना को सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने उनकी पत्नी भागमती के सम्मान में बनवाया था। हालांकि, इसके पीछे का वास्तविक कारण अभी भी पता नहीं है। चारमीनार का निर्माण साल 1589 में शुरू किया गया था। करीब दो साल के समय और 9 लाख रुपये के खर्च से चारमीनार का निर्माण पूरा हुआ था।