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खस्ता हालत ने लोगों के निवेश का बदला नजरिया

हरारे । जिम्बाब्वे (poor condition) में अर्थव्यवस्था की खस्ता हालत (poor condition) ने लोगों के निवेश का नजरिया ही बदल दिया है। यहां लोग अपना पैसा बैंकों में रखने की बजाय गायों और भैंसों में निवेश करना पसंद कर रहे हैं। उन सिक्कों को खरीदने में लोगों की रुचि नहीं है। बता दें कि जिम्बाब्वे में जीडीपी का 35% से 38% हिस्सा मवेशी आधारित क्षेत्र से आता है।

दक्षिण अफ्रीकी के इस देश में अपनी जमापूंजी को बढ़ाने के लिए मवेशियों में निवेश की पुरानी परंपरा रही है। बैंकों में रखा पैसा मुद्रास्फीति के कारण बेकार हो सकता है, उसी तरह सूखा पड़ने या बीमारी फैलने पर पशुओं में निवेश बर्बाद हो सकता है। निवेश के ट्रेंड में बदलाव का एक बड़ा कारण देश में बढ़ती महंगाई भी है।

पिछले 20 सालों में कई लोग अपनी जमापूंजी और पेंशन बैंकों में खो चुके हैं। लोकल करेंसी का इस्तेमाल कर गायों के इनवेस्टमेंट फंड में लोग निवेश कर रहे हैं। पशुओं में निवेश भी खतरे से खाली नहीं है। बीते जून में भी यहां महंगाई दर रिकॉर्ड 192% दर्ज की गई थी। बैंकों में पैसा रखने से उनकी जमा पूंजी में भी गिरावट आ रही है, इसलिए बैंकों से लोगों का भरोसा उठ गया है।

इस कारण कुछ लोग अपने निवेश को बचाने के लिए सुरक्षित उपाय ढूंढ रहे हैं और मवेशियों में निवेश उनके लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। जिम्बाब्वे में जीडीपी का 35% से 38% हिस्सा मवेशी आधारित क्षेत्र से आता है एक्सपर्ट भी इसे सोने से बेहतर विकल्प बता रहे हैं। खास बात ये है कि कुछ समय पहले ही सरकार ने सोने के सिक्के लॉन्च किए थे।

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