
हिसार । हिसार (unveiling of statue) के खेदड़ में पुलिस और किसानों के टकराव में मारे गए किसान धर्मपाल की आज शोक सभा और प्रतिमा का अनावरण (unveiling of statue) किया जाएगा। इस मौके पर किसान मोर्चा के बड़े नेता और जिले भर के किसान पहुंचेंगे।
इससे उसे आर्थिक कमाई होती थी, लेकिन पावर मिनिस्ट्री की नई गाइडलाइंस के बाद राख को टेंडर के जरिए बेचने के लिए कहा गया. जबकि किसान इस राख का मुफ्त वितरण चाहते थे।
8 जुलाई को पुलिस और किसानों में झड़प हो गई। जिसमें एक किसान धर्मपाल की ट्रैक्टर के नीचे आने से मौत हो गई। इस घटना में पुलिस के कई कर्मचारी और किसान घायल हो गए।
पुलिस ने कई किसानों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। हालांकि बाद में प्रशासन और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, जिसके बाद राख को लेकर फैसला हुआ। तब आंदोलन समाप्त हुआ।
आंदोलन करीब 86 दिन चला था। हिसार के थर्मल पावर प्लांट से किसानों को राख मुफ्त में मिलती थी। खेदर गांव की गोशाला संस्था मुफ्त में मिली इस राख को सड़क निर्माण ठेकेदारों और सीमेंट कारखानों को बेचती थी।
बता दें कि हिसार के खेदड़ थर्मल पावर प्लांट के राख को लेकर गांव की गोशाला कमेटी और थर्मल पावर प्लांट के बीच विवाद चल रहा था।