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दो बार यूपीएससी
दो बार यूपीएससी

दो बार यूपीएससी क्लीयर करने के बाद बने थे आईएएस अफसरदो बार यूपीएससी

सक्सेस स्टोरी : यूपीएससी सिविल सेवा जैसी परीक्षा एक बार क्लीयर कर पाना लोहे के चने चबाने जैसा होता है. लेकिन कुछ प्रतिभाशाली लोग ऐसे भी होते हैं जो एक नहीं, दो-दो बार यूपीएससी (https://vicharsuchak.in/)  क्लीयर करते हैं. इन्हीं चंद लोगों में से एक हैं असम कैडर के आईएएस अफसर अभिषेक जैन. 2020 बैच के आईएएस अभिषेक जैन अपने एक शानदार काम के लिए इस समय चर्चा में हैं. आइए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी और काम के बारे में.
दिल्ली के रहने वाले आईएएस अभिषेक जैन इस समय असम के चिरांग जिले में तैनात हैं. उनकी पढ़ाई-लिखाई भी दिल्ली से ही हुई है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था. दरअसल वह शुरू से ही अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट थे. इसलिए उन्होंने किसी बैकअप प्लान के बारे में भी नहीं सोचा था. वह हमेशा से ही ग्राउंड लेवल पर जाकर लोगों की मदद करना चाहते थे.

अभिषेक जैन के दादा जी किसी आईएएस अफसर के मातहत काम करते थे. साथ ही उनके मामा भी सिविल सेवा से जुड़े हुए थे. इस तरह बचपन से ही उन्हें सिविल सेवा का माहौल मिला और सरकारी नौकरी को लेकर एक समझ भी बन गई थी. आईएएस बनने की प्रेरणा भी उन्हें यहीं से मिली.

आईएएस अभिषेक जैन ने 24 साल की उम्र तक यूपीएससी के दो अटेम्प्ट दिए. दोनों में ही वह टॉपर रहे. पहले अटेम्प्ट में उनकी ऑल इंडिया 111वीं रैंक आई. लेकिन उन्हें आईआरएस कैडर मिला. जिससे कि वह संतुष्ट नहीं थे. अभिषेक को आईएएस से कम कुछ मंजूर नहीं था. इसलिए उन्होंने साल 2019 में एक बार फिर यूपीएससी एग्जाम दिया. इस बार उन्होंने 24वीं रैंक हासिल की. इस तरह आईएएएस बनने का सपना पूरा किया.

आईएएस अभिषेक जैन यूपीएससी क्लीयर करने के लिए सेल्फ स्टडी को बेस्ट मानते हैं. उनका मानना है कि आंसर राइटिंग की खूब प्रैक्टिस करनी चाहिए और रिवीजन पर भी फोकस जरूरी है. साथ ही मॉक टेस्ट के जरिए भी अपनी कमियों को ठीक करें. अगर आप देश की सबसे बड़ी परीक्षा क्लीयर करना चाहते हैं तो उसकी तैयारी भी उसी स्तर पर करनी होगी.
असम के चिरांग जिले के बिजनी में एसडीओ (सी) पद पर तैनात अभिषेक जैन ने हाल ही में एसडीओ कार्यालय की बाउंड्री वॉल के ब्यूटीफिकेशन की पहल की है. कार्यालय की बेरंग सी दीवार अब असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का शो केस बन गई है. साथ ही यह केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं जानकारी देने वाली बोर्ड की तरह भी काम कर रही है. अभिषेक की इस पहल की काफी तारीफ हो रही है.