मस्जिद कमेटी की कोर्ट से अपील, केस आठ हफ्ते बाद सुना जाए

वाराणसी । ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी (appeal to court) केस में 12 सितंबर को कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया । मस्जिद कमेटी के ओर से इस केस में सुनवाई के लिए आठ हफ्ते का वक्त मांगा गया है। इसके लिए मुस्लिम पक्ष के वकील रईस अहमद और एखलाक अहमद ने कोर्ट में एक एप्लिकेशन दी है। वाराणसी के ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस में जिला कोर्ट में सुनवाई होगी।
(12 सितंबर) इस मामले में सुनवाई हुई थी, जहां कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया वही पिछली सुनवाई कोर्ट ने कहा कि ज्ञानवापी कैंपस में मौजूद मां श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा की अनुमति देने वाली याचिका सुनने योग्य है। वही दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी ओर से केस में सुनवाई (appeal to court) के लिए आठ हफ्ते का समय मांगा है।
मुस्लिम पक्ष की ओर से कोर्ट में एक एप्लिकेशन दी गई है। जिसके बाद कोर्ट ने इस केस को न सुनने के लिए मुस्लिम पक्ष की तरफ से दर्ज आपत्तियों को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि यह केस 1991 के वर्शिप एक्ट के तहत नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि श्रृंगार गौरी केस को जिला जज स्तर के न्यायाधीश सुनेंगे। उनके आदेश से कोई पक्ष असहमत होता है तो वह उसके खिलाफ हाई कोर्ट जा सकता है। इसके लिए उसे 8 हफ्ते का समय दिया जाना चाहिए।