इंजीनियरिंग, फॉर्मा और मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट में ज्यादा फीस का आरोप

कानपुर । शहर में इंजीनियरिंग (Management Institute) और फॉर्मा की पढ़ाई कराने वाले निजी संस्थान सरकार द्वारा तय शुल्क से ज्यादा (Management Institute) की वसूली कर रहे हैं। 23 जून को लखनऊ स्थित प्रवेश एवं फीस नियमन समिति उत्तर प्रदेश ने इंजीनियरिंग, फॉर्मा और मैनेजमेंट समेत कई पाठ्यक्रमों के फीस तय की है। निजी संस्थान में पढ़ रही एक छात्रा ने बताया कि सरकारी आदेशों को कोई नहीं मानता है।
शिकायत करो तो कॉलेज वालों को हमारा नाम पता चल जाता है और हमको कॉलेज में परेशान किया जाता है। समिति द्वारा निजी संस्थानों में सत्र 2022-23 के लिए तय फीस (प्रतिवर्ष) बीटेक – 55000 बी फॉर्मा – 63300 डीफॉर्मा – 45000 उत्तर प्रदेश, प्रवेश एवं फीस नियमन समिति के सचिव राजेश चंद्रा ने कहा कि तय से ज्यादा फीस देना गलत है।
इसी क्षेत्र के दूसरे संस्थान में बीटेक (सीएस) की फीस 75000 प्रतिवर्ष में दाखिले की बात बताई गई। वहीं बीटेक में कंप्यूटर साइंस (सीएस) के अतिरिक्त कोई और ब्रांच लेने पर फीस में 10-15 हजार रुपए की कटौती थी। जबकि समिति ने बीटेक (सभी ब्रांच) की फीस 55000 रुपए प्रतिवर्ष तय की है। यदि कोई स्टूडेंट्स शिकायत करता है तो संस्थान पर कार्रवाई की जायेगी।
समिति की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि तय फीस ही ट्यूशन फीस के रुप में मान्य होगी। इसके अतिरिक्त निजी संस्थान या विवि छात्रावास शुल्क और परीक्षा शुल्क ले सकते हैं। पुस्तकालय, सेमिनार, वर्कशाप, प्रयोगशाला, इंडस्ट्रीयल विजिट, गेस्ट लेक्चर, इन हाउस ट्रेनिंग, व्यक्तित्व विकास, इंटरनल रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरनल एग्जाम फीस, स्कूल कीट और इवेंट के नाम पर छात्रों से वसूली की जा रही है।
यह सभी सुविधाएं प्रत्येक छात्र को लेना अनिवार्य है। पुस्तकालय, सेमिनार, वर्कशाप, प्रयोगशाला, इंडस्ट्रीयल विजिट, गेस्ट लेक्चर, इन हाउस ट्रेनिंग, व्यक्तित्व विकास, इंटरनल रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरनल एग्जाम फीस, स्कूल कीट और इवेंट के नाम पर छात्रों से वसूली की जा रही है। यह सभी सुविधाएं प्रत्येक छात्र को लेना अनिवार्य है।