uncategrized

आखिर कब और कैसे पहुंचे अमेरिकी (American )हथियार!

सियोल. उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में एक अपार्टमेंट की कंस्ट्रक्शन साइट के मजदूरों को 110 से अधिक अमेरिकी (American ) बम, गोले, बारूदी सुरंगें, ग्रेनेड और अन्य विस्फोटक हथियार मिले हैं. ये सभी बम और विस्फोटक हथियार अमेरिका में बने बताए गए हैं. मीडिया की खबरों के मुताबिक कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिका ने ये बम उत्तर कोरिया पर गिराए थे. उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनएके मुताबिक प्योंगयांग सिटीके पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो के एक्सपर्ट्स ने इन बमों और विस्फोटक उपकरणों का पता लगाया गया और उनको निष्क्रिय कर दिया गया.

हवासोंग इलाके में आवासीय कंस्ट्रक्शन साइट पर पाए गए विस्फोटकों में जंग लगा हुआ था, लेकिन उनमें किसी भी समय विस्फोट होने का खतरा था. नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने प्योंगयांग में 50,000 नए अपार्टमेंट बनाने के लिए परियोजनाएं शुरू की हैं. जो इस गरीब देश में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक कोशिश है. उत्तर कोरिया पहले ही कोविड-19 महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है. परमाणु हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के लिए लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के साथ ही इसने अपनी इकोनॉमी पर खुद कुछ अंकुश लगाएं हैं. इसके कारण उसकी अर्थव्यवस्था पहले ही कमजोर हो चुकी है. अमेरिका का कहना है कि अपने लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नॉर्थ कोरिया के पास सीमित साधन ही हैं.

गौरतलब है कि 1950-1953 के कोरियाई युद्ध के दौरान गिराए गए विस्फोटक लंबे समय से दोनों कोरिया में नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं. पिछले कई साल में रेड क्रॉस की हथियार संदूषण इकाई की अंतरराष्ट्रीय समिति के एक्सपर्ट्स ने बमों को निष्क्रिय करने के लिए उत्तर कोरिया की टीमों को प्रशिक्षित किया है. अमेरिकी शोधकर्ताओं के मुताबिक कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिकी युद्धक विमानों ने नॉर्थ कोरिया पर बड़े हमले किए. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने पूरे प्रशांत इलाके में गिराए गए बमों की तुलना में उत्तर कोरिया पर अधिक बम गिराए. अमेरिका के बमबारी अभियान और अन्य हमले उत्तर कोरिया में शिक्षा और सरकारी संदेश में बहुत प्रमुखता से पेश किए जाते रहे हैं.

Show More

यह भी जरुर पढ़ें !

Back to top button