लखनऊ नगर निगम जोन 2 में भ्रष्टाचार का गढ़ : शिल्पाकुमारी के विकास कार्यों में घोटाले, जनता परेशान
लखनऊ – नगर निगम के जोन 2 में तैनात शिल्पा कुमारी जोनल अधिकारी भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं। इनसे पूर्व में तैनात दिव्याशू पाण्डे जोनल अधिकारी भी चर्चा में बने हुए थे । हाउस टैक्स के मामले में एक लंबा खेल किया जा रहा है पहले तो बिल बढ़ा कर भेजो फिर उसको सही करने के नाम पर ठगी की जा रही है? हाउस टैक्स और अनाधिकृत कब्जा के साथ ही साथ विकास कार्यों के नाम पर किए गए घोटालों और अनियमितताओं से जनता त्रस्त हो चुकी है, लेकिन नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह और शासन में उच्चाधिकारी मौन साधे बैठा है।
राजाजीपुरम क्षेत्र में फुटपाथ पर अवैध कब्जा होने के बावजूद नगर निगम जोन-2 के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही जिससे आमजन को काफी असुविधा होती है । सूत्रों ने बताया कि राजेश कुशवाहा नामक इंस्पेक्टर राजाजीपुरम क्षेत्र में फुटपाथ पर जितने भी कब्जे हैं उनसे अवैध वसूली की बताई जा रही है जो की एक जांच का विषय है । राजाजीपुरम क्षेत्र में फुटपाथ पर हुए कब्जे की जानकारी शिल्पा कुमारी को पत्रकार राजेंद्र प्रसाद के द्वारा विगत कई दिनों से दी जा रही है परंतु समाचार लिखे जाने तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है । रानी लक्ष्मीबाई हॉस्पिटल से लेकर के ए ब्लॉक पुराना टेंपो स्टैंड नया टेंपो स्टैंड मीना बेकरी सपना कॉलोनी आदि जगहों पर फुटपाथ पर कब्जा बरकरार है ।
ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत
सूत्रों के अनुसार, राजाजीपुरम में सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, और सफाई व्यवस्था से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में भारी अनियमितताएं देखी जा रही हैं। अभी हाल में ए ब्लॉक तिराहा से नाले का निर्माण कराया गया जो आवास संख्या बी-1 के सामने तक निर्माण कराया गया । इस नाले में सबसे बड़े मजे की बात यह है की लगभग 100 मी नाला बना करके छोड़ दिया गया । नाला को किसी तरफ से जोड़ा नहीं गया है और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, निर्माण की फोटो नगर आयुक्त को भेजी गई थी। राजाजीपुरम में नई और पुरानी बनी सड़कें चंद महीनों में ही टूटने लगती हैं। वहीं, सफाई कर्मचारियों के वेतन में सभासद से लेकरके अधिकारी तक हेरफेर कर बड़े अधिकारियों की जेबें भरी जा रही हैं।
शिल्पा कुमारी जनता की शिकायतें अनसुनी कर रही हैं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे कई बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम के अधिकारियों पर आरोप है कि वे शिकायतों को या तो नजरअंदाज कर देते हैं या फिर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को बचाने का काम करते हैं।
एक आरटीआई के जरिए यह खुलासा हुआ है कि जोन 2 में
पिछले कई वर्षों से रानी लक्ष्मीबाई हॉस्पिटल से लेकर के कर्बला तक नाले का फर्जी निर्माण दिखाकर भुगतान किया गया है । प्रमाण के तौर पर रानी लक्ष्मीबाई हॉस्पिटल से लेकर कर्बला तक निरीक्षण किया जा सकता है । वहीं दूसरी ओर जोन-2 में हाल ही में पास किए गए कई प्रोजेक्ट्स की लागत बाजार मूल्य से दोगुनी बताई गई है। इसका मतलब साफ है कि फर्जी बिलों के जरिए सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इस घोटाले के उजागर होने के बाद, स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर कानूनी कार्रवाई हो और सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच हो—यह मांग ज़ोर पकड़ रही है। सरकार और प्रशासन की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करने को मजबूर हो सकती है ।