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कार्य के नाम पर 13.92 लाख का घोटाला

उन्नाव । उन्नाव (scam) में शिकायत के बाद डीएम द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच टीम ने 13.92 लाख रुपये का घोटाला (scam) पाया है। जांच अधिकारी ने प्रधान, सचिव व आरईडी जेई को दोषी मानते हुए डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। इसपर डीएम ने प्रधान चंद्रपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

डीएम अपूर्वा दुबे ने सचिव दिलीप कुमार भारतीय को नोटिस भेजने के निर्देश जिला विकास अधिकारी को दिए हैं। साथ ही एक्सईएन आरईडी अवर अभियंता पर कार्रवाई करेंगे।जिसमें कुल 13.92 लाख का अनियमित भुगतान कराने की बात सामने आई।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान के अधिकार सीज किए जाएंगे। जांच के दौरान जानकारी हुई कि रामचंद्र के घर से मंदिर तक लंबाई 107 मीटर कार्य को पांच टुकड़ों में बांटकर 9.79 लाख रुपये का व्यय किया गया। 16 मई को तारगांव निवासी शैलेंद्र सिंह, लल्लन और रामदत्त ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था।

जिसमें ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया था। डीएम ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक यशवंत सिंह और आरईडी बिछिया की अवर अभियंता राखी द्विवेदी को शामिल किया गया था।

15 जुलाई को परियोजना निदेशक ने गांव जाकर जांच की थी। तारगांव के मजरा पकरा में इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण का कार्य पूर्व प्रधान ने कराया था। कार्रवाई से पहले एक पखवाड़े में जवाब मांगा गया है।

जांच में पाया गया कि पहले हो चुके काम को अलग-अलग बांटकर इंटरलाकिंग व नाली निर्माण दिखाकर 414702 रुपए व शासनादेश के विपरीत 107 मी. कार्य को पांच टुकड़ों में बांटकर 9.79 लाख रुपए का दुरुपयोग किया गया। बाद में इसी कार्य का दो भागों में बांटकर निर्माण दिखा 413702 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया।

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