हवालात में मौत: अल्ताफ के परिवार से मिलने कासगंज आ सकती हैं प्रियंका गांधी, कांग्रेस करेगी कानूनी मदद

कासगंज सदर कोतवाली की हवालात में हुई अल्ताफ की मौत को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल यूपी सरकार को घेरने में जुटे हैं। गुरुवार को कांग्रेस के नेताओं का पीड़ित परिवार के घर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। दिन में कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। शाम को पहले राशिद अल्वी ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इनके बाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी गांव नगला सैय्यद में मृतक अल्ताफ के घर पहुंचे। बताया गया है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी कासगंज आ सकती हैं।
अल्ताफ की मौत के बाद पहले से ही शहरभर में संवेदनशीलता है। वहीं राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है। गांव नगला सैय्यद छावनी में तब्दील कर दिया गया है। एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात है। शहर में भी सतर्कता बरती जा रही है। शांति व्यवस्था बनी हुई है। मृतक के परिवार की पुलिस हर संभव मदद कर रही है। गांव नगला सैय्यद पहुंचे सलमान खुर्शीद ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत होना एक गंभीर अपराध है। सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। हमें कानूनी लड़ाई लड़नी होगी। पहले एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी हो। हम पीड़ित परिवार को कानूनी मदद देंगे चाहे हाईकोर्ट जाना पड़े या फिर सुप्रीम कोर्ट। सलमान खुर्शीद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अल्ताफ के माता-पिता से मिले हैं, उन सभी की हालत खराब है। हर जुल्म के खिलाफ कांग्रेस आवाज उठाएगी। बता दें कि सदर कोतवाली के हवालात में 9 नवंबर को अल्ताफ की मौत हो गई थी। उस पर किशोरी को अगवा करने का आरोप था। पुलिस का कहना है कि अल्ताफ ने आत्महत्या की है।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि अल्ताफ की मौत का मामला हत्या का मामला है। इस मामले में पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। प्रशासन ने अल्ताफ के पिता पर दबाव बना रखा है। पुलिस प्रशासन ने पिता से लिखवा लिया कि यह आत्महत्या है। यह शासन के दबाव का बड़ा प्रमाण है। पत्रकारों से बात करते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि वह प्रियंका गांधी के निर्देश पर यहां आए हैं और अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेंगे। प्रियंका भी यहां आ सकती हैं। अल्ताफ की मौत के बाद से सदर कोतवाली पुलिस घेरे में हैं। एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे इससे पूर्व सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर, दो उपनिरीक्षक व दो सिपाहियों को निलंबित कर चुके हैं। इस कार्रवाई के दो दिन बाद बृहस्पतिवार को एसपी ने इंस्पेक्टर क्राइम शशिकांत और सिपाही मुकेश को लाइन हाजिर कर दिया। कासगंज कोतवाली में अमांपुर से स्थानांतरित होकर आए प्रभारी निरीक्षक रमेश भारद्वाज एक दिन पहले ही अपना पदभार ग्रहण कर चुके हैं।