विधायक के खिलाफ मामला दर्ज; बल्ले से पिटाई का आरोप;

इंदौर. भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया है. प्रकरण में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कराने और बल्ले से पिटाई का आरोप लगाने वाले अधिकारी ने कोर्ट में अपने बयान बदल दिए हैं. अपने बयान से मुकरे इंदौर नगर निगम के अधिकारी ने अब कहा है कि उन्होंने देखा ही नहीं कि उन पर हमला आकाश ने किया था या किसी और ने. ऐसे में मामले में विधायक आकाश विजयवर्गीय को बड़ी राहत मिली है.
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बता दें कि 2019 में अधिकारी ने विधायक पर मारपीट का आरोप लगाया था. विधायक के अलावा 10 अन्य लोगों पर भी केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने विधायक आकाश विजयवर्गीय को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन, अब अधिकारी ने अपने बयान पलट दिए हैं, ऐसे में विधायक के लिए ये राहत भरी खबर है.
2019 में हुआ था विवाद
बता दें कि साल 26 जून 2019 को इंदौर के गंजी कंपाउंड क्षेत्र में एक जर्जर भवन ढहाया जा रहा था. तब क्षेत्रीय भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे थे. इंदौर नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे. इसी दौरान विधायक और अधिकारियों के बीच विवाद शुरू हो गया. आरोप है कि विधायक ने नगर निगम के तत्कालीन भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस को क्रिकेट बल्ले से पीटा था. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने विजयवर्गीय गिरफ्तार भी कर लिया. तब से मामला भोपाल की स्पेशल कोर्ट में चल रहा है. शुक्रवार को कोर्ट में विजयवर्गीय के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले अधिकारी धीरेंद्र बायस अपने बयान से पलट गए. उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई, तब वह मोबाइल पर बात कर रहे थे. बल्ला किसने मारा था, पता नहीं. अब इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होगी।