प्रत्येक मोर्चे पर विफल रही भाजपा सरकार: संजय निरूपम

हरिद्वार 24 जनवरी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने दावा किया कि उत्तराखण्ड में बदलाव की बयार चल रही है। उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार की नीतियों से त्रस्त जनता बदलाव करने जा रही है। विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनाएगी। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार तमाम मोर्चो पर विफल साबित हुई है। उत्तराखण्ड जैसे छोटे राज्य में देश के अन्य राज्यों के मुकाबले महंगाई व बेरोजगारी सर्वाधिक है। सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में नाकाम रही है। तमाम खाद्य पदार्थो के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं।
कांग्रेस शासन में साढ़े चार सौ रूपए में मिलने वाला रसोई गैस सिलेंडर एक हजार रूपए में मिल रहा है। संजय निरूपम ने कहा कि कोरोना काल में व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सभी राज्य सरकारों ने व्यापारियों को कुछ ना कुछ राहत अवश्य दी। लेकिन उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार ने व्यापारियों को कोई राहत नहीं दी। कांग्रेस सरकार बनने पर महंगाई को नियंत्रित किया जाएगा। युवाओं को रोजगार देने के साथ व्यापारियों को भी राहत दी जाएगी। इसके लिए रोड़मैप तैयार किया जा रहा है। जिसे घोषणा पत्र के जरिए जनता के सामने रखा जाएगा।
संजय निरूपम ने कहा कि-
कांग्रेस की सरकार बनने पर कोरोना टेस्ट घोटाले की जांच कराकर दोषियों को सजा दिलायी जाएगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है। पाबंदी के बावजूद धार्मिक नगरी में अवैध शराब व स्मैक का कारोबार होना बेहद चिंतनीय व स्थानीय भाजपा विधायक की विफलता है। जनता भाजपा विधायक के बीस वर्षो के कार्य पर प्रश्नचिन्ह लग रही है। उन्होने दावा किया कि हरिद्वार में एंटी इनकंबेंसी है। जिसका फायदा चुनाव में कांग्रेस को मिलेगा। हरिद्वार नगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि हरिद्वार को नशे के कारोबार से मुक्ति दिलाना उनका लक्ष्य है।
सामाजिक प्रतिबद्धता का पालन करते हुए हरिद्वार को नशा मुक्त रोजगार युक्त शहर बनाया जाएगा। युवा पीढ़ी को बर्बादी की तरफ धकेल रही स्मैक के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगायी जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री गरिमा दसोनी, एडवोकेट अरविन्द शर्मा, वीरेंद्र श्रमिक, नितिन तेश्वर आदि सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।