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हैदराबाद में तैनाती के दौरान की थी शादी; तैनात सार्जेंट की पत्नी की हत्या;

एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात सार्जेंट की पत्नी की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। सार्जेंट की पत्नी की हत्या उसके ही माता-पिता ने कराई थी। इसके लिए दो व्यक्तियों को पांच लाख रुपये की सुपारी देने की बात तय की थी। वारदात से पहले 80 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के सास-ससुर की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।

मंगलवार को एसपी देहात अतुल शर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता की। एसपी देहात के मुताबिक, मूल रूप से विष्णु विहार आरकेपुरम बीकानेर निवासी अमराव सिंह राठौर एयर फोर्स में सार्जेंट के पद पर तैनात हैं।

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वर्तमान में उनकी तैनाती सहारनपुर के सरसावा एयर फोर्स स्टेशन पर है। 17 फरवरी को अमराव राठौर की पत्नी पूजा रौठार लापता हो गई थीं। अमराव ने तुरंत ही पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी दर्ज की थी। इसके बाद 20 फरवरी को पूजा राठौर का शव हरियाणा के जगाधरी के पास नहर में मिला था। पूजा की गला दबाकर हत्या की गई थी।

पूजा की हत्या सार्जेंट

पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस को कुछ सबूत हाथ लगे। जिसके बाद पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों परवेज पुत्र इकराम निवासी मोहल्ला अभिषेक नगर सरसावा और मोनू पुत्र महकपाल निवासी कल्लरपुर नानौता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में परवेज ने बताया कि पूजा की हत्या सार्जेंट अमराव के पिता श्रवण सिंह राठौर और मां किरण कंवर के कहने पर की थी।

उसने गला दबाकर हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि, श्रवण और उनकी पत्नी किरण की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से बाइक, 80 हजार रुपये, सोने की चैन और दो सोने की अंगुठी बरामद की है।

हैदराबाद में तैनाती के दौरान की थी शादी

सहारनपुर। एसपी देहात ने बताया कि अमराव सिंह रौठार ने पूजा राठौर से लव मैरिज की थी। वर्ष 2018 में वह हैदराबाद में तैनात थे। वहीं पर उसने अपनी प्रेमिका पूजा से शादी कर ली थी। लेकिन, उसके माता-पिता शादी से खुश नहीं थे। जिस कारण उन्होंने हत्या की साजिश रचि थी।

रिटायर्ड फौजी हैं पिता

पिता श्रवण कुमार और परवेज फौज से रिटायर्ड हैं। श्रवण कुमार अक्सर अपने बेटे के पास सरसावा आते थे। जहां पर उनकी परवेज से पहचान हो गई। जिसके बाद उन्होंने पूजा की हत्या की प्लानिंग की। इसके लिए परवेज को पांच लाख रुपये देना तय हुआ था, जिसमें से 80 हजार रुपये पहले ही दे दिए गए थे।

10 हजार में मोनू आया था साथ

17 फरवरी को पूजा को घर से बुलाया गया था। इसके लिए एक टैक्सी बुक की गई थी। जिसके बाद हाइवे पर टैक्सी को छोड़ दिया था, जिसके बाद मोनू अपनी बाइक लेकर आया था। मोनू को इसके लिए 10 हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद पहले पूजा का गला दबाया गया और फिर नहर में धक्का दे दिया था।

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