केजरीवाल ने झूठ बोल कर सिर्फ गुमराह करने का काम किया : मनोज तिवारी

नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल पर जनलोकपाल बिल पर झूठ बोलने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जब से सत्ता में आए हैं तब से झूठ का एक बड़ा रिकॉर्ड बना चुके हैं उन्हें खुद नहीं पता होगा कि वह आज तक कितने झूठ बोले होंगे। और आज की बातों ने पूरी तरह से उनकी पोल खोल दी है। आरटीआई झूठी हो सकती है यह भारतीय इतिहास में पहली बार होने जा रहा है।
उन्होंने एक पोस्टर दिखाते हुए कहा कि 29 दिसंबर को जनलोकपाल बिल पास होने की बात कहने वाली केजरीवाल सरकार आज भी इस मामले दूर दूर तक गायब है। उन्होंने कहा कि साल 2013 में जब आम आदमी पार्टी बनने वाली थी तभी ऐलान किया गया था कि सरकार में आते ही जनलोकपाल बिल लागू किया जाएगा।मनोज तिवारी ने एक और भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा कि यही केजरीवाल सरकार है जो विद्यालयों में 5 लाख का कमरा 25 लाख में बनाने का काम किया था और जब इसकी शिकायत हमने लोकायुक्त को की तो उस लोकायुक्त को दिल्ली सरकार ने हटा दिया और तब से वह पद खाली पड़ा है।
मनोज तिवारी ने कहा-
उन्होंने कहा कि इस तरह से केजरीवाल दिल्ली, पंजाब, गोवा उत्तराखंड एवं अन्य राज्यों में जहां चुनाव हो रहे हैं वहां भी लोगों को झूठे वायदें कर के गुमराह करने का काम कर रहे है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने भी कहा कि केजरीवाल जिस जनलोकपाल बिल का हवाला देकर दिल्ली की कुर्सी पर बैठे थे लेकिन आज उसी जनलोकपाल को लेकर केजरीवाल सरकार का झूठ पूरे देश के सामने आया है। आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कहा कि 4 दिसम्बर 2015 को हमने जनलोकपाल बिल विधानसभा में पारित कर उसे माननीय उपराज्यपाल के पास भेज दिया गया था।
फिर 29 दिसम्बर को जब भाजपा ने एक संवाददाता सम्मेलन कर इस बात का जवाब मांगा कि जनलोकपाल बिल का क्या हुआ तो आम आदमी पार्टी की तरफ से जवाब आया कि हमने उसे माननीय उपराज्यपाल के यहां भेज दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में एक और आरटीआई के तहत इस बात का खुलासा साफ शब्दों में किया गया है कि माननीय उपराज्यपाल द्वारा 25 सितंबर 2019 को जनलोकपाल बिल की फ़ाइल रिसीव की गई थी और इसे 27 सितंबर 2019 को कानून विभाग को लौटा दिया गया था।
यानी सिर्फ 2 दिनों में ही फ़ाइल वापस भेज दी गई। इससे साफ जाहिर होता है कि अरविंद केजरीवाल वायदों, भाषणों एवं आरटीआई में भी झूठ बोलते हैं। पिछले चार सालों से वह फ़ाइल कहाँ थी? इस बात का जवाब देना चाहिए।